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दो फीडरों में ट्रिपिंग से 4 जिले 30 मिनट तक अंधेरे में, लोग समझे नक्सली वारदात

3 वर्ष पहले
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प्रधानमंत्री के बस्तर के बीजापुर, जांगला में 14 अप्रैल के कार्यक्रम की तैयारियों में जिला एवं पुलिस प्रशासन के अफसर हफ्ते भर से जुटे थे। तैयारियों को जब शुक्रवार को अंतिम रूप दिया जा रहा था तो अचानक रात 11.30 बजे बिजली गुल हो गई। लाइट की सप्लाई केवल बीजापुर जिला में ही नहीं उससे सटे दंतेवाड़ा,सुकमा और बस्तर जिले में भी बंद हो गई। चारों जिले अंधेरे में डूबते ही लोग नक्सली वारदात जैसी किसी अनहोनी को लेकर आशंकित हो उठे। इसका कारण यह भी था कि नक्सली कई जगह पर पोस्टर फेंक कर ग्रामीणों को पीएम के कार्यक्रम में जाने से रोक रहे थे।

उधर शहरवासी अपने परिचितों, अखबार से जुड़े लोगों से फोन करके बिजली गुल होने की वजह पूछते रहे। लाइट की सप्लाई प्रभावित होने की खबर बस्तर संभाग के अलावा राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी फैल गई थी। इधर विद्युत वितरण कंपनी के संभाग के दोनों बड़े अधिकारी चीफ इंजीनियर हर्ष गौतम और एसई आरके ठाकुर पहले से बीजापुर में जुटे थे। वहीं इस बीच यह स्पष्ट हुआ कि भिलाई से आ रही 220 केवीए की दंतेवाड़ा के बारसूर पावर स्टेशन में जाने वाली लाइन में ट्रिपिंग हो गई थी। ऐसा होते ही जब पुरूर से कांकेर वाली लाइन पर लोड बढ़ा तो कुछ ही सेकेंड में इस लाइन पर भी ट्रिपिंग हो गई जिसके चलते चारों जिलों में बिजली बंद हो गई।

11.42 बजे रात कनेक्ट हुई बस्तर की लाइन
भिलाई वाली लाइनों से जब सप्लाई प्रभावित हुई तो अफसरों ने कोंडागांव जिले में रायपुर से आ रही लाइन से बस्तर को कनेक्ट करने की माथापच्ची शुरू की। 5-7 मिनट में यह काम संभव हो पाया। इसके साथ ही बस्तर जिले में 11.42 बजे के बाद बिजली बहाल हो गई थी। उधर बीजापुर,सुकमा और दंतेवाड़ा में उस समय तक बिजली शुरू नहीं हो पाई थी। 12 बजे ट्रिपिंग क्लियर होने के बाद वहां भी सप्लाई शुरू हुई।

सप्लाई बहाल होने के बाद ली राहत की सांस
बस्तर जिले में तो लाइट पहले शुरू हो गई थी। जबकि दक्षिण पश्चिम बस्तर में अंधेरा पसरा हुआ था। जिसके चलते अफसरों के हाथ पैर फूले हुए थे। रात को 12 बजे के बाद जब वहां भी लाइट की सप्लाई शुरू हुई तो अफसरों ने भी राहत की सांस ली। विद्युत वितरण कंपनी के डिवीजनल इंजीनियर पीएन सिंह ने बताया कि अचानक तकनीकी खराबी आ जाने के कारण इस तरह की स्थिति निर्मित हुई थी। हालांकि जल्द ही यह कोशिश शुरू कर दी गई थी कि बीजापुर को बस्तर जिले से सप्लाई पहुंच सके।

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