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10वीं के विज्ञान के छात्र ने लिखा- एक दो नंबर की कमी हो तो देकर पास कर दें
10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन में इन दिनों रोचक बातें सामने आ रही हैं। 10वीं के एक छात्र ने मूल्यांकनकर्ता से एक-दो नंबर कम पड़ने पर अपनी तरफ से देकर पास करने की गुहार लगाई है। इसके अलावा अलग-अलग उत्तर पुस्तिकाओं में अब तक तकरीबन साढ़े 500 रुपए मिलने की बात भी कही जा रही है। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अंतिम चरणों में है।
इस साल बस्तर हाईस्कूल में पहुंची करीब 1 लाख 12 हजार उत्तर पुस्तिकाओं में से करीब 75000 कॉपियों की जांच की जा चुकी है। इसी बीच हाईस्कूल यानि दसवीं के बोर्ड की परीक्षा का मूल्यांकन पूरा हो चुका है। अब केवल 12वीं के पर्चों की जांच जारी है। 10वीं के विज्ञान के पर्चे में सवाल पूछा गया कि ऐसे दो धातुओं के नाम जो तणु अम्ल से हाइड्रोजन को विभाजित कर देती है, इसके उत्तर की जगह तो छात्र ने खाली छोड़ दी, लेकिन नीचे तीन लाइनों में छात्र ने यह लिखा कि कृपया कर एक-दो नंबर की कमी हो तो अपनी तरफ से देकर मुझे पास कर दें। मूल्यांकनकर्ताओं की मानें तो अब तक ऐसा कोई पत्र पर्चे में नहीं आया है। यह पहला मामला है, जिसमें इस तरह का पत्र छात्र ने लिखा है।
ऑब्जेक्टिव प्रश्नों में ड्यूटीरत पर्यवेक्षक करते हैं छात्रों की मदद, इसलिए पास होने लायक मिल जाते हैं नंबर : परीक्षा मूल्यांकन प्रभारी सूर्या राव ने बताया कि चूंकि अब परीक्षा के पैटर्न में थोड़ा बदलाव हुआ है और इसमें तकरीबन 15 नंबर के ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाते हैं, इसे छात्र आसानी से बना लेता है। वहीं पास होने लायक नंबर वह प्रश्न-उत्तर और अन्य प्रश्नों से जुटा लेता है। इस कारण इस तरह की गतिविधियों में कमी आई है।
विज्ञान के पर्चे में इस तरह के पत्र की जानकारी नहीं है जबकि सूत्र बताते हैं कि ऑब्जेक्टिव प्रश्नों को हल करने में स्कूलों में ड्यूटीरत पर्यवेक्षक ही छात्रों की मदद कर देते हैं। यही कारण है कि कम से कम पास होने लायक नंबर तो छात्र को मिल ही जाते हैं।
10वीं के विज्ञान विषय में एक छात्र का जवाब, जिसमें लिखा है अपनी तरफ से पास कर दें मूल्यांकनकर्ता।