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बारिश से पहले नक्सलियों के खिलाफ सुकमा, दंतेवाड़ा में चलेगा बड़ा आॅपरेशन

3 वर्ष पहले
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अंबिकापुर | शहर से करीब 12 किमी दूर केपी गांव स्थित सीआरपीएफ के अतिरिक्त प्रशिक्षण केंद्र में सोमवार को 241 वीं बटालियन बस्तरिया वारियर्स (ब्लैक पैंथर) के जवानों का शानदार पासिंग आउट परेड हुआ। दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ मुख्यमंत्री रमन सिंह भी मौजूद थे। रमन सिंह ने बस्तरिया बटालियन के गठन के निर्णय को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर के इन युवाओं की दृढ़ इच्छा शक्ति आज नजर आई। यही लोग नक्सलवाद को समाप्त कर बस्तर को एक दिन शांति का टापू बनाएंगे। इस मौके पर राजनाथ सिंह ने अब शहीद होने वाले जवानों के परिवार को न्यूनतम 1 करोड़ की एक्सग्रेशिया राशि देने की घोषणा की है।

दंतेवाड़ा में एक दिन पहले नक्सली हमले में शहीद हुए थे 7 जवान

भास्कर न्यूज |रायपुर

छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबल बारिश से पहले नक्सलियों के खिलाफ हमले तेज करेंगे। इस बार सुरक्षाबल दो जिलों सुकमा और दंतेवाड़ा में ही नक्सलियों की घेरेबंदी करेंगे। रविवार को दंतेवाडा़ में हुए हमले के बाद सोमवार को यहां पूरे नक्सल अभियान की समीक्षा करने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के साथ हुई बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस रणनीति को अंतिम रुप दिया। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ राज्य और केंद्रीय सुरक्षाबलों के आला अफसर शामिल थे।

सूत्रों के अनुसार इस ऑपरेशन के लिए नवगठित इंडिया रिजर्व बटालियन को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें अधिकांश बस्तर के ही आदिवासी युवा शामिल किए गए हैं। जो पूरे इलाके की टोपोग्राफी से भली-भांति परिचित हैं। राजनाथ सिंह ने करीब एक घंटे पूरे नक्सल आपरेशन की समीक्षा की। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि नक्सलियों की ताकत घटी है। नक्सली अब हमारे जवानों से फेस-टू-फेस लड़ाई नहीं लड़ पा रहे हैं। सुरक्षाबलों को ज्यादातर नुकसान आईईडी धमाकों से हो रही है। ताकत कम होने से नक्सली लगातार अपनी कायराना करतूत आईईडी धमाका कर अंजाम दे रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि माओवाद पूरे देश मे तेजी से सिमट रहा है। माओवादी हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं। गृहमंत्री ने माओवादी विकास विरोधी करार देते हुए कहा कि जहां उनका प्रभाव है वहां हमेशा गरीबी बनी रहती है और वहां विकास न हो यह उनका प्रयास रहता है। देश में पिछड़े जिलों की सूची में 35 नक्सल प्रभावित जिले हैं। माओवादी नेता जहां उनका प्रभाव है वहां की जनता को गरीब बनाए रखना चाहता है। शेष|पेज 4



लेकिन खुद करोड़ों रुपए ऐंठ रहे हैं। इनकी विदेशों में करोड़ों की सम्पति है। इनके बच्चे विदेशों में पढ़ाई कर रहे है। हम इस पर नजर बनाए रखे हैं, आगे ये नहीं चल पायेगा। नक्सलियों के फंड रेसिंग के सारे रास्ते बंद किये जायेंगे। सारी पड़ताल पूरी होने के बाद इनकी सम्पति भी जब्त की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा सुरक्षा बलों के बढ़े दबाव के चलते ही हम बस्तर में 1600 किमी सड़क बनाने में कामयाब रहे हैं।

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