ऑनलाइन दाखिला फॉर्म भरने की बाध्यता से मिलेगी निजात
नए शिक्षण सत्र में कॉलेजों में एडमिशन के लिए ऑनलाइन फाॅर्म भरना अनिवार्य नहीं होगा, बल्कि कॉलेज या विश्वविद्यालय स्तर पर इसकी व्यवस्था की जाएगी कि पूर्व की तरह मैनुअल फाॅर्म भरा जाए या नहीं। राज्य के उच्च शिक्षा संचालनालय के अपर संचालक डॉ. किरण राजपाल ने इस आशय का पत्र सभी कुलसचिवों को भेज दिया है। इसके पहले राज्य सरकार के सेतु प्रोजेक्ट के तहत बीते सत्र 2017-18 में छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी चिप्स के जरिए सभी कॉलेजों में ऑनलाइन एडमिशन की व्यवस्था की थी। इस प्रणाली में छात्र-छात्राएं इंटरनेट के जरिए कहीं से भी अपने पसंदीदा कॉलेज में ऑनलाइन फाॅर्म जमा कर सकते थे। शासकीय दंतेश्वरी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके शुक्ला के मुताबिक एडमिशन के नियम अब बस्तर विश्वविद्यालय के मार्गदर्शन में बनेंगे और मेनुअल फाॅर्म भरने की पुरानी व्यवस्था फिर से लागू होने की संभावना है।
दक्षिण बस्तर के कॉलेजों में ऑनलाइन एडमिशन के चलते जिले से बाहर के छात्र-छात्राओं के प्राप्तांक के आगे स्थानीय छात्र-छात्राएं नहीं टिक पाए। इससे उन्हें निर्धारित सीटों की प्रवेश सूची में जगह नहीं मिल पा रही थी। बीते सत्र में छात्र संगठनों ने इसका विरोध भी जताया था। साथ ही अधिकांश लोग एडमिशन की उम्मीद में एक से ज्यादा कॉलेजों में ऑनलाइन फाॅर्म जमा करने लगे थे, जिसका असर दाखिला प्रक्रिया पर भी पड़ा था। वहीं ग्रामीण छात्र-छात्राओं को गांव में नेटवर्क और इंटरनेट सुविधा की कमी के चलते समय पर दाखिला प्रक्रिया की जानकारी तक नहीं मिल पाती है।
अब विवि स्तर पर बनेंगे नियम, उच्च शिक्षा संचालनालय का आदेश
जिले में 5 कॉलेज हैं
जिले में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित कुल 5 कॉलेज हैं, जिसमें दंतेवाड़ा में शासकीय दंतेश्वरी पीजी कॉलेज, स्व. महेंद्र कर्मा शासकीय कन्या महाविद्यालय, किरंदुल में शासकीय अरविंद कॉलेज, दो साल पहले खुला नवीन कॉलेज जावंगा और बीते सत्र में कटेकल्याण में शुरू हुआ नवीन कॉलेज शामिल है।