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कांग्रेस और भाजपा की मिलीभगत से हुआ कौंसिल में घोटाला : इंद्र सेखड़ी

3 वर्ष पहले
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शिरोमणि अकाली दल नेता ने खोला मोर्चा

भास्कर संवाददाता | बटाला

नगर कौंसिल बटाला में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट आला अधिकारियों को दे दी गई है। जांच पूरी होने के बाद अब आगे की कार्रवाई होगी, लेकिन इसी बीच शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता इंद्र सेखड़ी ने दोनों दलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना था कि अब कांग्रेस ने भले ही पूर्व कांग्रेस मंत्री अश्विनी सेखड़ी के इशारे पर समर्थन वापस ले लिया है, लेकिन जब घोटाला हुआ था। तब दोनों ही दल एक साथ कौंसिल में थे। उस समय कौंसिल का प्रधान कांग्रेस के समर्थन से बना था। इसमें एक वोट तब विधायक अश्वनी सेखड़ी ने भी डाला था। अब जब फंसने की बात आई तो समर्थन को पूरी सोची समझी साजिश के तहत वापस ले लिया गया है। इंद्र सेखड़ी पूर्व विधायक अश्वनी सेखड़ी के भाई भी हैं।

इंद्र ने कहा कि भाजपाई नेता नरेश महाजन और पूर्व कांग्रेसी विधायक अश्वनी सेखड़ी के नगर कौंसिल में नापाक राजनीतिक रिश्ते के चलते ही नगर कौंसिल बटाला में भ्रष्टाचार पैदा हुआ है। इसकी सर्जरी की जरूरत है। इंद्र ने कहा कि बटाला नगर कौंसिल में करोड़ों के घोटाले हुए हैं, जिससे शहरवासियों को नुकसान हुआ है। इलाके में विकास के नाम पर कुछ नहीं किया गया है। शिरोमणि अकाली दल ने शुरू से ही नगर कौंसिल में हो रहे करोड़ों के घोटाले के खिलाफ आवाज बुलंद की। जांच को राजनीतिक दबाव के चलते ठंडे बस्ते में डालने की भी कोशिश हुई। प्रधान नरेश महाजन को अश्वनी सेखड़ी का और उनके समर्थक कांग्रेसी पार्षदों का समर्थन हासिल था। इंद्र ने कहा कि कैसे मान लें कि बिना अश्वनी सेखड़ी और कांग्रेस की रजामंदी के नगर कौंसिल में घोटालों को अंजाम दिया गया। इंद्र ने कहा कि वह सीएम से अपील करते हैं कि नरेश महाजन को समर्थन देकर नगर कौंसिल बटाला का प्रधान बनाने वाले पूर्व कांग्रेसी विधायक अश्वनी सेखड़ी और उनके समर्थक कांग्रेसी पार्षदों की भी नगर कौंसिल में भ्रष्टाचार के मामले में भूमिका की जांच होनी चाहिए, ताकि भ्रष्टाचारियों के चेहरे से नकाब उतरे।

उनका कहना था कि शहरवासियों के पैसों पर डाका मारा गया है। पूर्व विधायक को लोगों ने इन विधानसभा चुनावों में इसलिए हरा दिया था, क्योंकि उनके समय में इलाके में भ्रष्टाचार का बोलबाला हो गया था, लेकिन चुनाव में हारने के बाद भी वह अपने समर्थकों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार को बढ़ाने में लगे हुए हैं।

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