खेती माहिरों ने किसानों को दिए गन्ने की फसल की संभाल के टिप्स
अप्रैल में गन्ने की फसल की संभाल संबंधी सलाह देते हुए खेती माहिरों ने किसानों को सलाह दी कि गन्ने के खेत में जंगली बूटी की रोकथाम करनी चाहिए। डेला/मोथा की रोकथाम के लिए 2, 4-डी सोडियम सालट 80 प्रतिशत 800 ग्राम को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से प्रयोग किया जा सकता है।
खेतीबाड़ी अधिकारी डॉ. अमरीक सिंह ने कहा कि अगर गन्ने की फसल में जंगली बूटी का प्रयोग होता है तो मूंगी/माह की मिली-जुली फसल न बीजें। फसल के अच्छे झाड़ के लिए 7 से 12 दिनों की अवधि के लिए पानी देते रहें। कटी हुई फसल को 65 किलो यूरिया प्रति एकड़ डालें और खादें डालने के बाद खेत को पानी दें। डॉ.अमरीक सिंह ने कहा कि अगर काले खटमल का हमला नजर आए तो 350 मिलीलीटर डर्सबान/लीथल/मासबान/गोल्डबान 20 ताकत को 400 लीटर पानी में घोल कर प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें। छिड़काव की दिशा पत्तों की गोब की ओर रखें।