2 बेटों, पत्नी व साले ने किया था हीरालाल का कत्ल
नए साल की रात को पठानकोट-बटाला रेल लाइन शूगर मिल के पास मिली लाश का मामला सिटी जीआरपी की पुलिस ने सुलझा लिया है। जांच में सामने आया था कि बटाला निवासी हीरालाल उर्फ बिल्ला का कत्ल उसकी प|ी, दोनों बेटों और साले ने किया था, जबकि तीन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया था, जिनमें से केवल एक आरोपी मृतक का साला पुलिस की गिरफ्त से बाहर था, जिसे पुलिस ने वीरवार को पकड़ा है। जानकारी अनुसार 1 जनवरी को मृतक की प|ी, दोनों बेटों और साले ने हीरालाल का कत्ल कर लाश को रेलवे लाइन पर फेंक दिया था। जीआरपी सिटी इंचार्ज बलवीर सिंह ने बताया कि रेलवे पुलिस को एक जनवरी 2018 को पठानकोट-अमृतसर रेल मार्ग पर बटाला शूगर मिल के पास एक व्यक्ति का शव मिला था, जिसकी पहचान हीरा लाल उर्फ बिल्ला पुत्र कंसराज निवासी बटाला के रूप में हुई थी।
रेलवे पुलिस ने जब इसकी जांच शुरू की तो पुलिस ने इस हत्याकांड में मृतक की प|ी परमजीत कौर, उसका बेटा मनप्रीत सिंह, लवप्रीत सिंह उर्फ लव व साले लवली उर्फ जगतार सिंह पुत्र इंद्र सिंह निवासी टपोई अमृतसर को दोषी पाया। रेलवे पुलिस ने 8 फरवरी को मृतक की प|ी परमजीत कौर, बेटा मनप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका एक बेटा लवप्रीत सिंह व साला लवली फरार हो गए। उन्होंने बताया कि रेलवे पुलिस ने 13 फरवरी को मृतक के बेटे लवप्रीत सिंह को भी गुप्त सूचना के आधार काबू कर लिया और धारा 302 के अधीन मामला दर्ज किया। सभी आरोनी गुरदासपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं, जबकि वीरवार को उन्हें सूचना मिली थी कि मृतक का साला लवली अमृतसर में ऑटो चला रहा है। इसके चलते रेलवे पुलिस ने अमृतसर में दबिश देकर हत्याकांड में फरार आरोपी लवली को ऑटो समेत गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
हीरा घर की बहू-बेटियों पर रखता था बुरी नजर, हीरा के
अत्याचारों से दुखी होकर प्लानिंग कर किया था कत्ल
जानकारी अनुसार मृतक हीरा लाल की शादी करीब 10 साल पहले परमजीत कौर के साथ हुई थी, जो पहले से ही शादीशुदा थी और उसके दो बेटे और दो बेटियां थीं। घरवालों की मर्जी के साथ पूरी रस्मों से इनकी शादी हुई थी, लेकिन हीरा लाल शराब पीने का आदि था और करीब अढ़ाई सालों से इनमें काफी झगड़े होने लगे थे। हीरा लाल अकसर शराब के नशे में आता था और सबसे मारपीट करता था। कई बार सौतेले बेटों मनप्रीत और लवप्रीत के साथ ज्यादा मारपीट करके घर से निकाल देता था। परमजीत द्वारा लगाए आरोपों में उसने पुलिस को बताया था कि हीरा अकसर उसकी पहले पति से दो बेटियों पर भी बुरी नजर रखता था। कबूलनामे में मृतक की प|ी परमजीत और बेटे मनप्रीत ने बताया था कि जब हीरा लाल के जुल्मों की हद हो गई तो फिर परमजीत ने बेटों और अमृतसर निवासी भाई के साथ मिलकर हीरा को मारने का प्लान बनाया। प्लान के मुताबिक हीरा 31 दिसंबर को शराब के नशे में घर पहुंचा और उसके पहुंचते ही साले ने उसे फिर से शराब पिलाई। हीरा को गैस की प्राब्लम रहती थी। एक कैप्सूल में दो गोलियां नींद की डालकर गैस की दवाई के बहाने उसे दो कैप्सूल खिलाए गए, जिसे खाने के बाद हीरा बेहोश हो गया। प्लान के मुताबिक साले जगतार ने हीरा के गले में रस्सा डाला था और दोनों बेटों मनप्रीत और लवप्रीत ने दोनों तरफ से रस्सा खींचा और परमजीत ने टांगों को पकड़ा। मौका देखते हुए साले ने हीरा का गला रेत दिया, जिसके बाद कुछ ही पलों में उसकी मौत हो गई थी।