नरेश महाजन ने इंद्र सेखड़ी को बताया दूसरा नीरव मोदी
नगर कौंसिल के प्रधान नरेश महाजन ने अपने पर लगाए गए आरोपों का जवाब सोमवार को प्रेस कान्फ्रेंस कर दिया है। उन्होंने शिअद के नेता इंद्र सेखड़ी का नाम लेकर कहा ‘इंद्र सेखड़ी मुझ पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। आज वह कौंसिल के भ्रष्टाचार की बात कर रहे हैं, लेकिन वह वे दिन भूल गए हैं जब वह अपने समय में कमीशन के लिए अपने नाम की पर्ची भेजा करते थे। इंद्र सेखड़ी ने अपने दौर में खूब लूट की है। उनके परिवार का आपस का झगड़ा है, लेकिन इस झगड़े की आड़ में वह गलत आरोप मुझ पर लगा रहे है। हालांकि उनके पास कोई सबूत नहीं है। सिर्फ बाते कर रहे हैं। इंद्र सेखड़ी दूसरे नीरव मोदी हैं, जिन्होंने कारपोरेशन बैंक को करीब 15 लाख की जमीन दिखाकर 70 लाख रुपए का लोन लिया। इस तरह से बैंक को चूना लगाया गया। वह इस तरह के ओर भी कई काम कर चुके हैं।’
नरेश महाजन ने कहा कि उनके पास पंजाब सरकार की तरफ से कोई पैसा नहीं आया है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने शहर में विकास के कई काम करवाए हैं। हर इलाके में जहां जरूरत होती है, वहां लाखों रुपए खर्च किए गए हैं। शहर में एलईडी लाइटों को लगाया, मीटर लगवाए, तारे डालीं। जब उन्हें 2015 में शहर मिला था, तो अंधेरे में डूबा था, लेकिन आज शहर में उन्होंने बदलाव किया है। वह 2015 में बतौर प्रधान कुर्सी पर बैठे थे। तब से कौंसिल में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है।
कांग्रेस ने अपनी इच्छा से समर्थन दिया था
नरेश महाजन ने कहा कि कांग्रेस ने उस समय अपनी इच्छा से समर्थन दिया था। अब अपनी इच्छा से ही वापस ले लिया है। उसकी मर्जी है कि कब समर्थन देना है या वापस लेना है।
सवा दस करोड़ रुपए की ग्रांट का हिसाब दिया जाए
नरेश महाजन ने कहा कि बटाला के विकास के लिए सवा दस करोड़ रुपए की ग्रांट आई थी, जो पीडब्ल्यूडी विभाग के पास आई। हमें तो पैसे आए नहीं हैं। उन पैसों का घोटाला हुआ है। उसकी जांच होनी चाहिए। वह सरकार से मांग करते हैं कि उन पैसों की जांच की जाए, ताकि पता चले कि वह पैसे कहां खर्च किए गए।
प्रेस कान्फ्रेंस में जानकारी देते नगर कौंसिल प्रधान नरेश महाजन।
सरकार से पैसा नहीं मिला तो विकास किस पैसे से करवाने का दावा कर रहे नरेश : इंद्र
शिअद नेता इंद्र सेखड़ी का कहना है कि नरेश महाजन एक जिम्मेदार कुर्सी पर बैठे हैं इसलिए जवाबदेही उनकी बनती है। अब जब मामले दर्ज होने की बात आ रही है तो वह तिलमिला कर बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कौंसिल के पास पैसे नहीं आते हैं, तो महाजन शहर के जो विकास के काम गिना रहे हैं, वह किन पैसों से किए हैं। कौंसिल को पीएम डिवेलपमेंट फंड से ग्रांट आती है। इसके अलावा एमपी, हाउस टैक्स, नक्शे पास करवाने समेत कई मदों से पैसे आते हैं। उन पैसों की भी जांच होनी चाहिए। रही बात उनकी तरफ से कारपोरेशन बैंक से लोन की, तो उन्होंने ऐसा कोई लोन नहीं लिया है।