कम पानी की खपत वाली फसलें बीजें : बाजवा
भास्कर संवाददाता| फतेहगढ़ चूड़ियां
पंजाब के ग्रामीण, जल सप्लाई ओर सेनिटेशन विभाग के मंत्री तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा ने राज्य के किसानों को अपील की है कि वह गेहूं की कटाई के बाद खेतों में नाड़ को बिल्कुल आग न लगाए, ताकि वातावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।
यह अपील तृप्त बाजवा ने फतेहगढ़ चूड़ियां की दाना मंडी में खेतीबाड़ी विभाग द्वारा सावन की फसलों संबंधी तकनीकी जानकारी देने के लिए लगाए जिला स्तरीय किसान सिखलाई कैंप के दौरान संबोधित करते हुए की। बाजवा ने कहा कि पांच दरियाओं की धरती बड़ी तेजी से रेगिस्तान बनने से ओर बढ़ रही है, जिसे सांझे य|ों से रोकने की जरुरत है। माहिरों की रिपोर्टों के अनुसार धान की पैदावार के लिए करबी 45 हजार लीटर पानी की खपत हो जाती है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती। उन्होंने किसानों को अपील की कि अगर वह पंजाब को बचाना चाहते हैं तो हमें धान-गेहूं के फसल चक्कर में से निकलकर कम पानी की खपत वाली अन्य फसलों की बिजाई करनी पड़ेगी। सरकार द्वार नेहरी नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। इस मौके पर खेतीबाड़ी विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर रजेश वशिष्ट ने किसानों से कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस बार धान की बिजाई 20 जून के बाद करने का फैसला किया गया है। धान 20 जून के बाद ही बिजी जाए ताकि उस समय मानसून नजदीक होने के कारण पानी की बचत की जा सके।
इस अवसर पर पंजाब खेतीबाड़ी लुधियाना के माहिर डॉ. सुमेश, र्स्वण सिंह, कश्मीर सिंह, एसडीएम बटाला रोहित गुप्ता, पूर्व चेयरमैन बलविंदर सिंह, नायब तहसीलदार लक्ष्मण सिंह, डॉ. शाहबाज सिंह, डॉ.निरवैर सिंह, डॉ. परमबीर सिंह, डॉ.बलजिंदर सिंह, किसान नेता सुखविंदर सिंह, बलविंदर, तरपाल सिंह, राजीव, ओंकार सिंह व अन्य मौजूद थे।
पांच दरियाओं की धरती को रेगिस्तान बनने से रोकने के लिए मिलकर सभी करें प्रयास
रिबन काटकर किसान सिखलाई कैंप का उद्घाटन करते तृप्त बाजवा।