- Hindi News
- National
- सेक्शन बदलने और आरोपियोंं को बचाने की कोशिश के आरोप में सिविल लाइन प्रभारी परमजीत पर मामला दर्ज
सेक्शन बदलने और आरोपियोंं को बचाने की कोशिश के आरोप में सिविल लाइन प्रभारी परमजीत पर मामला दर्ज
विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए एक केस के मामले में गुपचुप तरीके से सेक्शन बदल देने और आरोपियों को बचाने की कोशिश करने के आरोप में थाना कथूनंगल के प्रभारी रहे इंस्पेक्टर परमजीत के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। अब इस समय परमजीत सिंह बटाला के सिविल लाइन थाना के थानेदार के तौर पर तैनात है। इस बारे में बटाला के एसएसपी उपिन्द्रजीत सिंह घुम्मन का कहना था कि उन्हें भी जानकारी मिली है कि अमृतसर जिले में मामला दर्ज हुआ है। वह अपने स्तर पर पता करवा रहे हैं।
यह केस ब्यूरो आफ इनवेस्टीगेशन की जांच के बाद दर्ज किया गया है। ब्यूरो आफ इनवेस्टीगेशन ने जांच दौरान पाया कि आरोपी इंस्पेक्टर ने केस में नामजद किए गए सारे आरोपियों को बचाने की कोशिश की थी। आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ जिला अटार्नी रिटायर हुए नरिंदर सिंह काहलों ने शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसकी जांच हुई और आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने के अलावा पुराने मामले में नामजद हुए सारे आरोपियो को तुरंत गिरफ्तार करने के भी आदेश जारी किए हैं।
मामला | काहलों ने की थी जांच की मांग
जिला अटार्नी के पद से रिटायर हुए नरिंदर सिंह काहलो ने कस्बा मजीठा में पड़ते गांव अबदाल में एक ईंटों का भट्ठा खरीदा था। वहां पर कुछ लोग कब्जा करना चाहते थे और साथ ही इस बात की भी रंजिश रखते थे कि काहलों व उनका परिवार राजनीति में अकाली दल का समर्थन करते है। इसके तहत 21 मार्च 2017 को नरिंदर सिंह अपने भट्ठे पर मौजूद थे। इसी दौरान आरोपी कुन्नन सिंह, बचितर सिंह, हरदीप सिंह, साधू सिंह, स्वर्णजीत सिंह, जसमेर सिंह व इनके 15/20 अज्ञात साथी हथियारों से लैस होकर आए और आते ही हमला कर दिया था। आरोपियों ने नरिंदर सिंह काहलों के बेटे पर भी हमला किया था और मौके पर जमकर तोड़फोड़ की थी। इसके अलावा वहां से कैश भी लूट कर ले गए थे। इस पूरी वारदात के बाद पुलिस ने आकर मौके का जायजा लिया और आरोपियों के खिलाफ 506ए447ए 448ए452ए 148ए149ए 379 बी व अन्य धारा लगाकर केस दर्ज किया था। मगर बाद में गुपचुप तरीके के साथ इंस्पेक्टर परमजीत सिंह ने आरोपियों के साथ अंदर खाते सेटिंग कर ली और 379 बीए 506 व असला एक्ट की धाराओं को काट दिया और नया रिकार्ड तैयार कर दिया। इस पर नरिंदर सिंह काहलों ने ब्यूरो आफ इनवेस्टीगेशन को शिकायत भेज कर जांच की मांग की। ब्यूरो आफ इनवेस्टीगेशन के डायरेक्टर की ओर से पूरे मामले की जांच की तो उसमें क्लियर हुआ कि आरोपी इंस्पेक्टर ने बाकी के आरोपियों को बचाने की कोशिश की है और केस के तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की है। जिस तहत उसके खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए गए।