भास्कर संवाददाता | बटाला/कादियां/श्री हरगोबिंदपुर
चड्ढा शुगर मिल के आसपास बसे गांवों के जमींदारों और किसानों ने आरोप लगाए हैं कि ब्यास दरिया में चड्ढा शुगर मिल द्वारा मिलाया गया शीरा नहीं, लाहन थी। शीरे से कभी भी मछलियों की मौत नहीं होती, क्योंकि शीरा मीठा होता है और उसे तो मछलियां खा ही जाएंगी। उनका कहना है कि मिल प्रबंधकों द्वारा लाहन को ब्यास दरिया में मिलाया गया, न की वो शीरा है। हो सकता है यह लाहन, जिसमें केमिकल मिले हुए थे, काम की ही न हो, इसलिए उसे बहाया गया है।
शुगर मिल के आसपास के रहने वाले किसानों और जमींदारों ने बताया कि यहां के करीब 90 प्रतिशत किसान गन्ना बोते हैं और वह इसी मिल को देते हैं। यह भी कहा जा सकता है कि वह गन्ने की खेती पर ही डिपेंड हैं, क्योंकि गन्ने से उन्हें काफी मुनाफा होता है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा मिल की ओर से किसानों को गन्ने की पेमेंट 14 दिन में देने का समय निश्चित किया गया है, जबकि ऐसा हुआ ही नहीं, किसी को भी समय पर पेमेंट नहीं मिलती। पहले भी एक जत्थेबंदी की ओर से किसानों को पेमेंट न मिलने पर धरने लगाए जाते थे। अभी हाल ही में हाईकोर्ट द्वारा उस जत्थेबंदी को सम्मन भी आए हैं, क्योंकि मिल मालिकों ने वहां पर यह लिखवाया था कि एक जत्थेबंदी द्वारा मिल के समक्ष धरना लगाने पर उन्हें काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि हर तरफ से मिल प्रबंधक अपने बारे में सोचते हैं, ऊपर से नेताओं के साथ संबंध होने के कारण उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। अभी पिछले 4 दिनों में जो भी कार्रवाई मिल पर प्रशासन द्वारा की गई है, वह लोगों की आंखों में धूल फेंकने के बराबर है। उन्होंने बताया कि अब शुगर मिल बंद हो चुकी है, लेकिन अंदर अभी भी उनकी 4 शराब की फैक्टरियां चल रही हैं। मिल बंद होने से करीब 150 करोड़ रुपए जमींदारों का मिल की ओर गन्ने का पेंडिंग है।
घड़ियाल सुरक्षित
वन एवं जंगली जीव सुरक्षा विभाग ने की पुष्टि, डॉल्फिन मिलने की भी उम्मीद
ब्यास दरिया में कीड़ी अफगाना चीनी मिल का शीरा पड़ने के कारण मछलियां और अन्य जल जीव-जन्तु मर गए थे, मगर ब्यास दरिया में छोड़े गए घड़ियाल अभी भी सुरक्षित हैं। इस बात की पुष्टि वन और जंगली जीव सुरक्षा विभाग के सीनियर अधिकारी महावीर सिंह ने की है। उन्होंने बताया है कि ब्यास दरिया के गगड़ेवाल क्षेत्र में विभाग की टीमों ने घड़ियालों की खोज कर ली है, जो कि बिल्कुल ठीक हैं। विभाग की टीमों द्वारा ब्यास दरिया में दुर्लभ प्रजाति की डॉल्फिन मछलियों की खोज अभी जारी है। उम्मीद है कि एक-दो दिनों में डॉल्फिन मछलियों का पता लगा लिया जाएगा। उन्हें आशा है कि डॉल्फिन मछलियां जहरीले शीरे के प्रभाव से बच गई होंगी। महावीर सिंह ने बताया कि मिल के शीरे के रिसाव के कारण बहुत बड़ी गिनती में मछलियां और अन्य जलजीव मर गए हैं। मछलियों की दरिया में दोबारा गिनती बढ़ने से काफी समय लग सकता है।
महावीर सिंह
एक ही मोहल्ले के किसानों का लाखों रुपए पेंडिंग
श्री हरगोबिंदपुर के मोहल्ला संतोखपुर के जोगिंदर सिंह का मिल से 3-4 महीनों का 1 लाख 20 हजार रुपए, दलजीत सिंह का 2 लाख 30 हजार, कुलदीप सिंह का डेढ़ लाख, मनजीत सिंह का अढ़ाई लाख, हरनेक सिंह का 5 लाख, गुरमीत सिंह का 2 लाख, गुरचरन सिंह का 3 लाख, बलदेव सिंह का 2 लाख 40 हजार, सुरिंदर सिंह का अढ़ाई लाख अमृतपाल सिंह का 4 लाख रणजीत सिंह का 3 लाख रुपए पेंडिंग हैं। इसके अलावा ओर भी बहुत से किसान और जमींदार हैं, जिनका करोड़ों रुपए मिल की ओर से लेना बनता है। मगर यह उनके खातों में कब आएंगे, वह भी रामभरोसे है।
माझा किसान संघर्ष कमेटी के मेंबर मिल बंद होने के विरोध में रोष जताते। -भास्कर
माझा किसान संघर्ष कमेटी ने मिल को बंद करने का किया विरोध
माझा किसान संघर्ष कमेटी के प्रधान बलविंदर सिंह राजू ने कहा कि शुगर मिल किसानों की है और इसे बंद नहीं होने दिया जाएगा। शुगर मिल के कारण बहुत सारे नौजवानों की रोजी-रोटी चल रही है। मिल बंद होने के कारण नौजवान बेरोजगार हो जाएंगे। बहुत सारे किसानों की गन्ने की पेमेंट अभी तक नहीं मिली है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में किसान खुदकुशियां करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि अगर प्रदूषण कंट्रोल विभाग इस संबंधी पहले ही अपना फर्ज समझते हुए चेकिंग करता, तो यह बड़ा हादसा नहीं होता। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई चड्ढा मिल के मालिकों और प्रशासन की है। इस लड़ाई में किसानों की गन्ना मिल को न बंद किया जाए। इस अवसर पर उप प्रधान जतिंदर सिंह औलख, मंगल सिंह, बाबा कंवलजीत सिंह, तरनजीत सिंह, लखविंदर सिंह, बख्शीश सिंह सरपंच, बलकार सिंह, सुरिंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, दलीप सिंह, बलजीत सिंह, सतनाम सिंह, राजू, हरदीप सिंह, जसपाल सिंह, रुपिंदर सिंह, मनप्रीत सिंह, मनजिंदर सिंह मौजूद थे।
विभाग के उच्चाधिकारियों से जल्द होगी मीटिंग
वन और जंगली जीव सुरक्षा विभाग के सीनियर अधिकारी महावीर सिंह ने बताया कि एक-दो दिन में विभाग के उच्चाधिकारियों की मीटिंग होने जा रही है, जिसमें भविष्य की योजना के बारे में विचार किया जाएगा। दरिया में मछली की संख्या बढ़ाने के लिए दोबारा मछलियों का पूंग डाला जाता है या कुछ अन्य य| किए जाते हैं, इस बारे में विभाग के आला अधिकारी मीटिंग के दौरान विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि लोग पशुओं को ब्यास दरिया का पानी न पिलाएं और न ही इस पानी को अन्य कामों के लिए प्रयोग किया जाए।
सीएम के धार्मिक सलाहकार परमजीत सरना के परिवार पर हो कार्रवाई : मंगल सिंह
शिरोमणि अकाली दल ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के धार्मिक सलाहकार परमजीत सिंह सरना के परिवार द्वारा ब्यास दरिया में शीरा घोलने की अपराधिक कार्रवाई के कारण वातावरण और मछलियों व अन्य जीवन जंतुओं के किए भारी नुकसान की कड़ी निंदा की है और इस घटना की जांच की मांग की है। इस संबंध में श्री हरगोबिंदपुर के शिअद एससी विंग के सीनियर नेता मंगल सिंह ने बताया कि मिल मालिकों ने लापरवाही से पंजाब में जीव-जन्तुओं का भारी नुकसान किया है। इनके कारण कई टन मछलियां मरी हैं और डॉल्फिन जैसी दुर्लभ प्रजातियों के बीज नाश का खतरा खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि इस मिल मालिकों के सत्ताधारी पार्टी के नेताओं से नजदीकी संबंध होने के कारण यह उद्योगों संबंधी लागू नियमों की लगातार उल्लंघना करते थे। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात तो यह है कि सरकार ने अभी तक मिल के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई ही नहीं की। उन्होंने इस घटना पर मुख्यमंत्री के धार्मिक सलाहकार के परिवार पर कार्रवाई की मांग की है।