पंजाब रोडवेज/पेंशनर्स के समूह कर्मचारियों की तरफ से मांगों को लेकर गेट रैली की गई और सरकार का पिट स्यापा किया गया। कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान गुरजीत सिंह ने बताया कि सरकार रोडवेज को खत्म करके कार्पोरेशन में बदलना चाहती है, जिस कारण रोडवेज के समूह कर्मचारी संघर्ष के लिए मजबूर हो गए हैं।
उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि ठेकेदारी सिस्टम खत्म किया जाए, ठेके पर काम करते कर्मचारियों को पक्का किया जाए, 1990 वाली ट्रांसपोर्ट पॉलिसी लागू की जाए, बराबर काम बराबर वेतन दिया जाए, ड्राइवरों को नौकरी से बहाल किया जाए, किलोमीटर स्कीम के तहत बसें बंद की जाए, 2004 से लागू नई पेंशन स्कीम बंद करके पुरानी स्कीम लागू की जाए, डीए का बकाया और तीन किस्तें जल्दी दी जाए, वेतन कमिशन की रिपोर्ट लागू की जाए, रोडवेज के टाइम टेबल शिफ्टों में बनाए जाएं। इसके अलावा ठेका कर्मचारियों का वेतन अगर एक महीने में न बढ़ाया तो संघर्ष को ओर तेज किया जाएगा। इस दौरान परमजीत सिंह कोहाड़ ने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने पर पहले वादे कर रही थी कि अवैध ऑपरेशन बंद करेंगे, लेकिन पिछली सरकार की तरह ही प्राइवेट अवैध ऑपरेशन चल रहा है। उन्होंने कहा कि मांगों के संबंध में 23 मई को रोडवेज/पनबस का चक्का जाम किया जाएगा। इस अवसर पर अवतार सिंह, जोगिंदर सिंह, इकबाल सिंह, सरताज सिंह, प्रदीप कुमार, जगदीप सिंह, रछपाल सिंह, राजिंदर सिंह, दवारका नाथ, प्रीतम राम, रविंदर सिंह, गुरदीप सिंह, बाबा सुरजीत सिंह, गुरविंदर सिंह, बलजीत सिंह, सुच्चा सिंह, सुखविंदर सिंह, रविंदर सिंह, सतिंदर सिंह, सुखविंदर सिंह, हरभजन सिंह, गुरप्रीत सिंह, पलजिंदर सिंह, कुलवंत सिंह मौजूद थे।
मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते कर्मचारी। -भास्कर