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भास्कर न्यूज | जालंधर/बठिंडा/प्रदेश के विभिन्न जिलों से

3 वर्ष पहले
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35 लाख हेक्टेयर में पंजाब ने उगाया 188 लाख टन गेहूं, रकबे के आधार पर देश में नंबर वन, हिस्सेदारी 126 लाख टन की, 32 हजार करोड़ का अन्नधन


भास्कर न्यूज | जालंधर/बठिंडा/प्रदेश के विभिन्न जिलों से

पंजाब ने इस बार 188 लाख टन गेहूं उगाकर अब तक सबसे बड़ा रिकॉर्ड कायम किया है। रकबे के अनुसार गेहूं उत्पादन में हम देश में नंबर वन हैं। वैसे 23 प्रतिशत गेहूं उत्पादन के साथ इस बार देश में दूसरे नंबर पर हैं। इस बार पंजाब ने 35 लाख हेक्टेयर रकबे में अब तक का सर्वाधिक 188 लाख टन गेहूं का उत्पादन किया है।

प्रदेश की छह एजेंसियों एफसीआई, मार्कफेड, पनसप, पनग्रेन, वेयर हाउस और पंजाब एग्रो ने भारी खरीदारी की है। प्रदेशभर की मंडियों से अब तक 126 लाख टन गेहूं की खरीदारी हो चुकी है। यह गेहूं सेंट्रल पूल में जाएगा जो देशभर में पीडीएस के जरिये वितरित किया जाता है। एमएसपी के अनुसार पंजाब ने 32,618 करोड़ रुपए के गेहूं का उत्पादन किया है। इसमें 52 लाख टन गेहूं प्रदेश में रखा गया है बाकी केंद्रीय पूल में दिया गया है। कम रकबे में इतनी भारी मात्रा में गेहूं उत्पादन का बड़ा कारण पारंपरिक खेती में आधुनिक तरीके अपनाना रहा। सूबे के किसानों ने पीएयू से प्रमाणित 677, 2967 व 3086 उत्तम किस्म के बीज बोए। यह बिजाई 15 नवंबर के बाद से वक्त पर की और कटाई मौसम खराब होने से पहले। ताकि दाना-दाना सुरक्षित रहे। इसके अलावा बीमारियों को पनपने से पहले ही कंडी क्षेत्रों में रोक दिया गया।

पीएयू से प्रमाणित 677, 2967 3086 किस्म के बीजों की वक्त पर बिजाई, मौसम बिगड़ने से पहले कटाई

पंजाब में अब तक का सर्वाधिक उत्पादन, गेहूं पर सबसे घातक रहने वाली पीली सुंडी को कंडी क्षेत्र में ही रोक दिया गया...जिससे फसल बची

गेहूं का अर्थ तंत्र

35

लाख लोग प्रदेश में कृषि कार्य से जुड़े।

प्रदेश में 188 टन गेहूं उगाया गया, एमएसपी के मुताबिक वैल्यू 32,618 करोड़ रुपए बनती है। प्रति एकड़ 37,277 हजार रुपए ।

15

लाख किसान परिवार हैं इन सब में।

प्रोडक्शन... यूपी ने 320 लाख टन गेहूं उगाया लेकिन रकबा हमसे 3 गुना ज्यादा

1. 15 नवंबर से टाइम पर बिजाई की गई। साथ ही पीएयू से प्रमाणित 677, 2967, 3086 किस्मों के बीज का इस्तेमाल किया गया। टाइम से बिजाई से फसल को पकने का पूरा वक्त मिला।

पैडी के बाद गेहंू में भी अवाॅर्ड की दावेदारी : जसबीर बैंस

पंजाब ने मात्र 35 लाख हेक्टेयर में 180 लाख टन गेहंू उत्पादन कर अब तक का सर्वाधिक प्रोडक्टीविटी वाला रिकाॅर्ड बनाया है। हालांकि 2011 में भी हमने इस उत्पादन लक्ष्य को टच किया था, मगर तब रकबा ज्यादा था। इसलिए इस बार हमें उम्मीद है कि गेहंू उत्पादन में भी पंजाब को अवाॅर्ड मिलेगा। 2015 में धान के रिकाॅर्ड उत्पादन पर 2 करोड़ का अवाॅर्ड मिला था।

डाॅ. जसबीर सिंह बैंस, डायरेक्टर कृषि विभाग

रिकाॅर्ड उत्पादन की 3 बड़ी वजह

2. 25 करोड़ रुपए की सीड सब्सिडी के जरिए उत्तम क्वालिटी का बीज उपलब्ध करवाया, जिससे एक हजार रुपए प्रति क्विंटल सब्सिडी दी गई।

देश में प्रति हेक्टेयर उत्पादन 31.50 क्विंटल रहा, पंजाब में 51.10 क्विंटल तक, मौसम बिगड़ने से पहले मिड मई तक कटाई...ताकि दाना-दाना सुरक्षित रहे

3. गेहंू पर सर्वाधिक घातक साबित होने वाली पीली कुंगी कीट जो कंडी या पहाड़ी एरिया में पैदा होता है, को वहीं पर कंट्रोल कर पंजाब में आगे नहीं बढ़ने दिया।

सेंट्रल पूल में हिस्सेदारी

112

लाख टन

वर्ष

13% गेहंू उत्पादन के साथ हम विश्व में दूसरे नंबर पर, सर्वाधिक उत्पादन चीन में

23% गेहंू उत्पादन कर पंजाब देश में दूसरे नंबर पर, 33% के साथ यूपी नंबर-1

11% गेहंू उत्पादन मध्य प्रदेश में हो रहा हरियाणा का देश में 9% योगदान

118

लाख टन

126

लाख टन

दुनिया...देश...और हम

तीन राज्यों में उत्पादन

1. देश में सर्वाधिक गेहूं का उत्पादन उत्तर प्रदेश मेें हुआ है। यहां करीब 320 लाख टन गेहूं का उत्पादन हुआ। लेकिन रकबा 115 लाख हेक्टेयर के आसपास है। यानी पंजाब से तीन गुना।

2. हरियाणा की मंडियों मेें इस बार 87.40 लाख टन गेहूं पहुंचा है। यह देश का नौ प्रतिशत उत्पादन है। रकबे के अनुसार देश में दूसरे नंबर पर।

3. मध्य प्रदेश देश का 11 प्रतिशत गेहूं उत्पादन करता है। यहां से केंद्रीय पूल काे कम दिया जाता है लेकिन दाना बड़ा होने के कारण यहां से पैक्ड गेहूं की बिक्री बड़ी मात्रा में होती है।

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