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नशामुक्त समाज बनाने के लिए ओट प्राेग्राम लांच

3 वर्ष पहले
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प्रदेश में नशा मुक्त समाज बनाने के उद्देश्य से पूरे राज्य में 41 रिहेब सेंटरों में ओट (आउट पेशेंट ओपियाड असिस्टेंट ट्रीटमेंट) प्रोग्राम लांच किया गया। इसी श्रृंखला के तहत सिविल सर्जन बठिंडा डा. हरि नारायण सिंह ने जिले में ग्रोथ सेंटर में सरकारी ड्रग रिहेबलिटेशन सेंटर ओट का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने बताया कि इसी तरह तलवंडी साबो, रामपुरा फूल, सेंट्रल जेल बठिंडा में भी ओट सेंटरों का शुभारंभ किया गया। सिविल सर्जन डा. हरि नारायण सिंह ने बताया कि किसी भी प्रोग्राम की सफलता में समाज की भागीदारी अहम होती है। उन्होंने बताया कि मरीजों को पहले सिविल अस्पताल में तैनात साइकेट्रिक डॉक्टर अरूण बांसल नोडल अफसर के तौर पर नियुक्त किया गया है। मरीज नोडल अफसर की सलाह से ओट सेंटरों से दवाई शुरू हो सकेगी। उन्होंने बताया कि उक्त क्लीनिकों में नशा करने वाले मरीजों को हर रोज मुफ्त दवाई दी जाएगी तथा इसके साथ ही दवा लेने वाले व्यक्ति को हर दिन डाक्टर के सामने ही दवाई खानी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि ओट क्लीनिक में नशे से प्रभावित मरीज को मानसिक रूप से मजबूत करने के लिए काउंसलिंग आदि के भी प्रबंध किए गए हैं ताकि उसे बेहतर तरीके से समझा-बुझा कर नशे की बुराई से दूर होने के लिए प्रेरित किया जा सके।

सुविधा

ओट क्लीनिक में नशे से प्रभावित मरीजों का होगा बेहतर इलाज : डॉ. एचएन सिंह

ओट का शुभारंभ करते सिविल सर्जन डा. हरि नारायण सिंह व अन्य।

अवकाश के दिन भी खुलेगा सेंटर

इस क्लीनिक के लिए ट्रेनिंग करके आए अनुभवी डाक्टरों व स्टाफ को तैनात किया गया है। यह सेंटर प्रति दिन 9 से 3 बजे तक खुलेगा और रविवार व अन्य सरकारी अवकाश वाले दिनों में 10 से 1 बजे तक खुलेगा। तलवंडी साबो ओट सेंटर में डाक्टर शीतल जिंदल, रामपुरा फूल में डाॅ. इंद्रप्रीत सिंह, बठिंडा ग्रोथ सेंटर एरिया में स्थित सरकारी ड्रग रिहेबलिटेशन सेंटर में डॉ. सतीश गर्ग व बठिंडा सेंट्रल जेल में सुखविंदर सिंह को तैनात किया गया। तरनतारन, मोगा और अमृतसर में 29 ओट क्लीनिक पहले से चल रहे हैं और इनमें 4,400 मरीज दर्ज हो चुके हैं।

मरीज को दिया जाएगा यूनीक आईडेंटिफिकेशन नंबर

डा. अरूण बांसल ने कहा कि ओट सेंटर में इलाज के साथ-साथ मरीजों के काउंसलिंग सेशन की मदद से समाज की मुख्य धारा से जोड़ने में भी मदद करेगा। इसके अलावा मरीज को आनलाइन रजिस्ट्रेशन से एक यूनीक आईडेंटिफिकेशन नंबर भी जारी किया जाएगा। इससे मरीज पूरे राज्य में मुफ्त इलाज करवा सकता है। इस मौके पर सिविल सर्जन डा. हरि नारायण सिंह, मेडिकल कमिश्नर डा. एसएस रोमाणा, साइकेट्रिक डॉक्टर अरूण बांसल, डा. सतीश गर्ग के अलावा सेहत विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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