इलाके में दिनों-दिन बढ़ रही झपटमार की वारदातों के कारण और निदान की समीक्षा करने के लिए दैनिक भास्कर दफ्तर में खुला विचार मंच का आयोजन किया गया। विचार-विमर्श में शामिल शहर की अग्रणी डॉक्टर, प्रोफेसर, घरेलू एवं समाजसेवी महिलाओं ने अपने-अपने सुझाव दिए। लगभग 1 घंटा हुए विचार-मंथन के दौरान एक्सपर्ट पैनल में शामिल महिला थाना की इंचार्ज सब इंस्पेक्टर बेअंत कौर ने महिलाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। वहीं एडवोकेट अमरदीप कौर बाजवा ने कानूनी सलाह दी।
100 फीट रोड स्थित दैनिक भास्कर कार्यालय में करवाए गए डिबेट प्रोगाम में भाग लेतीं शहर की महिलाएं।
एक्सपर्ट पैनल- खुद सचेत रहें और वारदात की स्थिति में पुलिस को सूचित करें
शरीर चुस्त बनाए रखने के लिए कसरत भी करें : बेअंत कौर, महिला थाना इंचार्ज
अपने आसपास के प्रति सचेत रहें क्योंकि आपकी गतिविधियों पर कोई निगाह रखे हुए हैं। स्नेचिंग की वारदात होने पर 100 नंबर पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। पीसीआर और पेट्रोलिंग पार्टी हर चौक-चौराहे पर मुस्तैद रहती है। वहीं स्कूल-कॉलेज के बाहर भी वुमेन आमर्ड प्रोटेक्शन फोर्स की महिला कांस्टेबल की ड्यूटी लगती है। घर की डोर बैल बजने पर दरवाजा खोलते वक्त भी सचेत रहें और अनजान व्यक्ति से दूरी बनाए रखें। इसके अलावा शरीर में चुस्ती-फुर्तीलापन बनाए रखने के लिए थोड़ी कसरत भी करें ताकि हमलावर का पूरी ताकत से पकड़ सकें।
झपटमार को बिना वारंट अरेस्ट करने का है प्रावधान : अमरदीप कौर बाजवा, एडवोकेट
झपटमारी आईपीसी की धारा 378 व 379 में अपराध है और इस कानून में झपटमार को बिना वारंट अरेस्ट करने का प्रावधान है। वारदात के बाद पुलिस को शिकायत दर्ज करें, एफआईआर दर्ज करने के बाद डीडी नंबर जरूर लें। पुलिस इनवेस्टीगेशन न करे तो इसी डीडी नंबर और कंप्लेंट के कॉपी के आधार पर सीनियर अधिकारियों तक अप्रोच की जा सकती है जिनकी सिफारिश पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट सीआरपीसी के तहत डायरेक्ट कार्यवाही कर सकते हैं। कानून पर भरोसा रखें, जस्टिस जरूर मिलेगा। झपटमारी के केस में सोने की ज्वेलरी का बिल लाजिमी है जोकि बर्डन आफ प्रूफ माना जाता है।
खुला विचार मंच में शहर की 10 महिलाओं के सुझाव
शहर के प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं
इनरव्हील क्लब की प्रधान प्रोमिला मित्तल का कहना है कि शहर के प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। पुलिस भी झपटमारों पर तुरंत एक्शन ले।
सुरक्षा के लिए अपने आसपास देखकर चलें
समाज सेविका मंजू गोयल का कहना है कि सड़क अथवा बाजार में चलते वक्त अपने में ही खोए हुए रहने की बजाय आसपास का भी ख्याल रखें कि कहीं कोई आपका पीछा तो नहीं कर रहा।
महिलाएं पर्स में सिर्फ जरूरत का सामान ही रखें
डॉ. निधि वर्मा का कहना है-पर्स छोटा और उसमें जरूरी का समान ही रखें। आकर्षित दिखने की ललक में लटकता हुआ पर्स स्नेचरों की ओर से आसानी से झपटा जा सकता है।
महिलाएं हमेशा प्रेजेंस आॅफ माइंड ही रहें
डॉ. दीपशिखा बांसल का कहना है-माना कि वर्किंग वुमेंस को घर व बाहर की जिम्मेदारियां होती हैं, इसलिए कुछ काम पति के साथ शेयर कर लेने चाहिए। हमेशा प्रेजेंस आफ माइंड ही रहें।
बाइकर्स पीछा कर रहे हों तो उल्टी दिशा में चलें
प्रोफेसर, डॉ. कुसुम गुप्ता का कहना है-पैदल हमेशा ट्रैफिक की उलट दिशा में चलें, बाइकर्स गैंग द्वारा अक्सर पीछा करते हुए झपटमार की वारदात को अंजाम दिया जाता है।
महिलाएं अनजान लोगों से कभी लिफ्ट न लें
अध्यापिका गीता शर्मा का कहना है-महिलाएं अनजान लोगों से कभी लिफ्ट न लें। महिलाओं को अच्छे-बुरे को पहचानने की समझ विकसित करनी होगी।
सार्वजनिक प्रोगाम में शो ऑफ करने से बचें
खुद पर अचानक हुए हमले से घबराएं नहीं
महिलाएं अपनी सुरक्षा के प्रति रहें सजग
अध्यापिका वेद मणि शर्मा का कहना है कि झपटमारों पर जुर्माना नहीं लगाने की वजह से उनकी हिम्मत बढ़ती है। महिलाएं भी अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहें।
डॉ. श्रेष्ठा अग्रवाल का कहना है- शो आॅफ करने की सनक में महिलाएं अक्सर भारी भरकम ज्वेलरी पहनकर सार्वजनिक प्रोग्राम में पहंुचकर खतरे काे निमंत्रण देती हैं।
हर महिला सुरक्षा के लिए मार्शल आर्ट जरूर सीखे
इनरव्हील क्लब सेक्रेटरी, जॉली जैन का कहना है- हर महिला मार्शल आर्ट जरूर सीखे ताकि अचानक हुए हमले का मजबूती के साथ मुकाबला किया जा सके।
शैली मित्तल का कहना है-अचानक हुए हमले से घबराने की बजाए शोर मचाते हुए झपटमार को फॉलो करें। क्याेंकि इसी का फायदा झपटमार उठाते हैं। पर्स में कम से कम नगदी रखें और कैशलेस को ही तरजीह दें।