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नगर निगम अकाली-कांग्रेस की आपसी जंग

3 वर्ष पहले
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पिछले एक साल से नगर निगम बठिंडा में सत्ताधारी अकाली-भाजपा और कांग्रेस के बीच चल रही खींचतान के चलते शहर के विकास काम पूरी तरह से बंद पड़े हैं। राज्य के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के चुनावी क्षेत्र होने के नाते विपक्ष भी उन पर लगातार निशाना साध रहा है। इस स्थिति में अब वित्त विभाग ने शहर में विकास कार्यों के लिए फंड जिला प्रशासन के माध्यम से जारी करने का फैसला लिया है। यही नहीं यह फंड नगर निगम को देने की बजाय इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के खातों में भेजा जाएगा। फंड मिलने के बाद ट्रस्ट ही टेंडर जारी करने से लेकर काम पूरे करवाना का जिम्मा देखेगा। सरकार की इस नीति के बाद बठिंडा नगर निगम की तरफ से शहर में विकास कार्य करवाने के लिए भेजे गए सभी प्रस्ताव अब इंप्रूवमेंट ट्रस्ट पूरा करेगा। वहीं सरकार की इस नीति के बाद सदन में विपक्षी कांग्रेस जहां इसे अपनी जीत करार दे रहा है वहीं सत्ताधारी अकाली-भाजपा इसे सरकार व वित्त मंत्री की धक्केशाही करार दे रहा है।

सरकार ने ‘इंप्रूवमेंट ट्रस्ट’को विकास कार्यों के लिए दिए Rs.16 करोड़

राजनीतिक खींचतान के कारण एक साल से नहीं हो रहे थे शहर में विकास कार्य, ट्रस्ट ही जारी करेगा टेंडर

आखिर निगम को क्यों पड़ी इसकी जरूरत

माह के पहले सप्ताह 9 मई को जब तत्कालीन नगर निगम कमिश्नर संयम अग्रवाल का बठिंडा से तबादला किया गया था उस समय निगम में विकास कार्यों को लेकर राजनीति पूरी तरह से गरमा गई थी। विकास कार्यों को लेकर कांग्रेसियों और अकालियों के बीच खींचतान ने ही संयम अग्रवाल का तबादला करवाया। इसमें मई 2018 में नगर निगम की जरनल हाउस बैठक से पहले विकास कार्यों के लिए करीब 14 करोड़ के 150 काम शामिल किए जाने थे। इसमें अधिकतर काम कांग्रेसी वर्करों या फिर पार्षदों की तरफ से रखवाए गए थे। 12 मार्च को बैठक से पहले एफएंडसीसी मेंबरों के सामने उक्त एजेंडा रखा गया इसके बाद अकाली पार्षदों की पूर्व विधायक सरुपचंद सिंगला के साथ बैठक हुई तो इसमें करीब 9 करोड़ के काम हटा दिए गए व बैठक में केवल 5 करोड़ के 30 विकास कार्यों को ही शामिल किया गया। यह मामला वित्त मंत्री के पास पहुंचने के बाद प्रतिष्ठा का सवाल बन गया।

फंड डीसी की मार्फत होगा जारी

अकाली-भाजपा पार्षद पिछले एक साल से शहर के नए विकास कार्य के लिए फंड जारी करने के मामले में कांग्रेस को निशाने पर ले रही थी। वहीं कांग्रेस सरकार ने भी निगम में काबिज अकाली-भाजपा को एक पैसे की सहायता प्रदान नहीं की। हालात यह हो गए कि कांग्रेस व अकाली दल की जंग में शहर का विकास काम पूरी तरह से ठप हो गया। वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने चार माह पहले करीब 20 करोड़ का फंड जारी करने की घोषणा की लेकिन यह फंड जारी नहीं किया जा रहा था। अब राज्य सरकार ने 20 में से 16 करोड़ की राशि डीसी के मार्फत जारी कर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के माध्यम से काम करवाने का फरमान जारी किया है।

अकाली-कांग्रेस आमने-सामने

नगर निगम में कांग्रेसी पार्षदों का कहना है कि निगम जान-बूझकर विकास कार्य नहीं करने दे रहा है। निगम पिछले एक साल के दौरान करीब 13 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के टेंडर लगा चुका है। लेकिन वर्क आर्डर जारी नहीं कर रहा है। 16 करोड़ रुपये की ग्रांट प्रशासन के पास पहुंच चुकी है। जिससे शहर के विभिन्न विकास कार्य हो सकेंगे। वही अकाली पार्षद हरविंदर शर्मा ने कहा कि नगर निगम को पिछले एक साल से कांग्रेस के कार्यकाल में विकास काम के फंड ही जारी नहीं किया गया जिससे वह वार्डों में काम करवाने में नाकाम हो रहे हैं। वर्तमान में कांग्रेसी पार्षदों के काम करवाने के लिए इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के माध्यम से फंड जारी किया जा रहा है।

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