भास्कर संवाददाता | मानसा/बठिंडा
विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने सोमवार को मानसा जेल में दबिश देकर पुलिस रिमांड पर चल रहे डिप्टी सुपरिंटेंडेंट गुरजीत सिंह बराड़ की सरकारी अलमारी की जांच की, जिसमें से 25 मोबाइल फोन, 20 चार्जर, बीड़ी के 29 बंडल, 97 नशीली गोलियां, 7 मोबाइल सिम और कुछ दस्तावेज बरामद हुए।
एसपी (विजिलेंस) भूपिंदर सिंह के अनुसार, ब्यूरो ने 17 मई को मानसा जिला जेल के सुपरिंटेंडेंट दविंदर सिंह रंधावा को गिरफ्तार किया था। इश्तिहारी भगोड़े डिप्टी सुपरिंटेंडेंट गुरजीत सिंह बराड़ फरार चल रहे थे और 18 मई को इन्होंने मानसा कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इनका तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया था। सोमवार को दोनों अधिकारियों काे पुलिस रिमांड खत्म होने पर फिर अदालत में पेश किया गया। जेल सुपरिंटेंडेंट रंधावा को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जबकि गुरजीत बराड़ काे एक और दिन के लिए रिमांड पर दे दिया गया। एसपी भूपिंदर सिंह ने बताया कि 17 दिसंबर 2017 को विजिलेंस ने मानसा जेल में रेड की थी तो गुरजीत बराड़ के दफ्तर में रखी अलमारी की चाबी नहीं मिली थी। तब उसे सील कर दिया गया था।
सोमवार को अदालत के आदेश पर उसे खोला तो उसमें से उक्त सामान मिला, जिसे संबंधित थाने के सुपुर्द कर दिया गया। ऐसा लग रहा है कि जेल के कैदियों और बंदियों को महंगे दाम पर बेचने के लिए ये वस्तुएं रखी गई थीं, मगर इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता कि ये वस्तुएं कैदियों से पकड़ी गई न हों। अगर ऐसा होगा तो गुरजीत बराड़ के दफ्तर में उनका रिकाॅर्ड भी जरूर होगा। फिलहाल पुलिस मामले में जुटी है।
रिश्वत लेकर कैदियों को फोन-नशा देने का मामला
नकदी और चेक समेत पकड़े थे आरोपी| जेल में बंद कैदियों व हवालातियों को मनमर्जी की सुविधाएं उपलब्ध कराने के बदले मोटी रकम वसूलने के आरोप में नामजद किए गए मानसा जिला जेल के सुपरिंटेंडेंट दविंदर सिंह रंधावा को बठिंडा विजिलेंस ब्यूरो टीम ने बीती 17 मई को गिरफ्तार किया था। विजिलेंस ब्यूरो ने 17 दिसंबर 2017 को जेल में बंद हवालाती गौरव के, जो नशा तस्करी में जेल में बंद है, भाई रविंदर कुमार (शाहाबाद मारकंडा के निवासी) से 50 हजार रुपए की नगदी तथा 86 हजार रुपए का चेक लेने जेल से बाहर आए सहायक सुपरिंटेंडेंट सिकंदर सिंह और कैदी पवन कुमार को मौके पर गिरफ्तार किया था। तब अदालत ने डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट गुरजीत सिंह बराड़ को इश्तिहारी भगोड़ा करार दे दिया था। विजिलेंस ने रविंदर की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था।