बच्चों की वैज्ञानिक और क्रियात्मक सोच को उपयुक्त मंच दिलाकर व्यवहारिक जिंदगी में नई इनवेंशन करनेे के लिए इंस्पायर अवार्ड का आयोजन किया गया। विज्ञान और तकनीकी विभाग के निर्देशानुसार टीचर्स होम में लगे दो दिवसीय इंस्पायर अवार्ड का उद्घाटन डीईओ सेेकेंडरी मनिंदर कौर ने किया और बच्चों की ओर से तैयार किए गए वर्किंग और स्टेबल साइंस-मैथ्स मॉडलों का अवलोकन किया। नई दिल्ली से विशेष तौर पर पहुंचे प्रदर्शनी के आब्जर्वर व मूल्यांकनकर्ता स्वामी परिहार ने कहा कि इंस्पायर अवार्ड का मकसद बच्चों की वैज्ञानिक व खोजी प्रतिभा को उभारना व निखारना है।
जिला नोडल अफसर जिला साइंस सुपरवाइजर बलजीत कौर ढिल्लों ने मेहमानों का स्वागत करते हुए बताया कि सरकार की ओर से हरेक विद्यार्थी को उनकी इन्वेंशन के मॉडल व प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए 10 हजार रुपए दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी में बठिंडा के 124 विद्यार्थियों ने अपने गाइड अध्यापकों के नेतृत्व में बनाए साइंस, मैथ्स, व पर्यावरण के महत्वपूर्ण विषयों पर बनाए मॉडल प्रदर्शित किए जबकि मानसा के 5 विद्यार्थी भी अपने मॉडल के साथ शामिल हुए। जजमेंट टीम में शामिल डॉ. संजीव नागपाल, डॉ. रमनदीप कौर, डॉ. गुरबिंदर सिंह, अमनप्रीत कौर, राकेश कुमार, लेक्चरर कंवलजीत सिंह व अंचित राज ने हरेक मॉडल का अवलोकन करके उनकी कार्यप्रणाली को समझा।
इंस्पायर अवार्ड का मकसद बच्चों की वैज्ञानिक व खोजी प्रतिभा को निखारना है : स्वामी
इंस्पायर अवार्ड के आयोजन में मॉडल का अवलोकन करते डीईओ सहित अन्य।
बच्चों की ओर प्रस्तुत क्रिएटिविटी।