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खेलों में रुचि और फुर्तीलापन दिलाता है फौज में भर्ती का मौका

3 वर्ष पहले
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विश्व पटल पर पंजाब की जवानी का दबदबा बनाने के लिए युवाओं को खेल मैदान में लौटना होगा। उन्हें खेलों और कसरत से शारीरिक तौर पर मजबूत बनना होगा। चुस्ती और फुर्तीला जवान ही देश सेवा के लिए भारतीय सेना में जाने का सपना पूरा कर सकेगा। यह पैगाम है नेशनल डिफेंस एकेडमी के देशव्यापी परिणाम में 35वां रेंक हासिल करने वाले बठिंडा जिले के गांव जस्सी पौ वाली निवासी शुभदीप औलख का। सितंबर 2017 में हुए एनडीए एग्जाम देश के 5 लाख युवा बैठे जिनमें से 447 मैरिट में आए। जनवरी में हुई एसएसबी में भी शानदार परफॉरमेंस ने यह मुकाम दिलाया। शुभदीप की इस उपलब्धि पर उनके नाॅर्थ एस्टेट स्थित ननिहाल घर में जश्न का माहौल रहा। दादा रिटायर्ड हेडमास्टर मनमोहन सिधू, नाना एडवोकेट गुरनैब सिंह संधू, मां जितेंदर कौर औलख व बड़ी बहन डेंटिस्ट डॉ. किरण औलख ने शुभदीप का मुंह मीठा कराकर शाबाशी दी।

देश भर में एनडीए में 35वां स्थान स्थान हासिल करने वाले शुभमन की इच्छा लड़ाकू विमान पायलेट बनना

2 साल मोहाली में की ट्रेनिंग |शुभदीप का सपना अपने पिता रिटायर्ड विंग कमांडर लखविंदर सिंह औलख के पदचिन्हों पर चलते हुए भारतीय वायुसेना में लड़ाकू पायलट बनना है। इसे हकीकत में बदलने के लिए शुभदीप ने 2 साल से पंजाब सरकार के मोहाली स्थित महाराजा रंजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट में पढ़ाई के साथ-साथ कड़ी ट्रेनिंग भी की। शुभदीप का लक्ष्य एनडीए की 3 साल की पूना में ट्रेनिंग के बाद लड़ाकू पायलेट बनने को हैदराबाद में एयरफोर्स ज्वाइन करना है।

युवाओं को संदेश

अप टू डेट रहें | शुभदीप ने कहा कि 11वीं क्लास एनडीए का बेसिक है, हरेक कांसेप्ट समझकर पढ़ाई करें। वहीं अप टू डेट रहना जरूरी है, एनडीए एग्जाम पूरी तरह से करंट अफेयर बेस्ड होता है, वहीं नॉन मेडिकल स्ट्रांग होना चाहिए क्योंकि इसमें अधिकांश पार्ट फिजिक्स और केमिस्ट्री का भी होता है। एयरफोर्स के लिए फिजिक्स के साथ मैथ्स स्ट्रांग होना चाहिए। इसके अलावा एसएसबी की 5 दिवसीय इंटरव्यू में मेंटल, सोशियोलॉजी का परीक्षण होता है जिसमें हौसला न छोड़ने और स्ट्रेस नहीं लेते हुए खुद पर भरोसा रखने वालों को पहल मिलती है।

सिफारिश नहीं, योग्यता को ही मिलती है पहल

शुभदीप बताता है कि फौज में सलेक्शन के लिए कोई सिफारिश नहीं चलती बल्कि योग्यता को ही पहल मिलती है। शुरू से ही आर्मी माहौल मिला तो बचपन से ही फौज में जाने की इच्छा जगी जिसे पूरा करने में पापा की समुचित गाइडेंस और स्पोर्ट मिली। 10वीं में टेन सीजीपीए पास करने के बाद कंपीटिशन एग्जाम से एएफपीआई में प्रवेश लिया। सेमरोक स्कूल मोहाली में 11वीं-12वीं की पढ़ाई के साथ 2 साल की पीटी, ड्रिल एवं फिजीकल फिटनेस की ट्रेनिंग हासिल की। शुभदीप ने 8वीं व 9वीं स्वीमिंग में नेशनल लेवल ब्राउंज मेडल जीता।

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