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5 हजार स्ट्रीट वेंडर्स को शहर के दो जोन के 25 एरिया में बायोमीट्रिक हिसाब से जगह होगी अलॉट

3 वर्ष पहले
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सिटी को जाम फ्री करने के साथ नगर निगम की आय बढ़ाने वाले मसौदे पर एक बार फिर कवायद शुरू हुई है। नगर निगम बठिंडा ने इस योजना के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में प्वाइंट तय कर मंजूरी के लिए स्थानीय निकाय विभाग को रिपोर्ट भेज दी है। स्थानीय निकाय विभाग ने स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी का मसौदा तैयार कर इसे लागू करने की पहले ही हिदायत जारी कर रखी है। योजना लागू होने पर 5 हजार स्ट्रीट वेंडर्स को शहर के दो जोन में 25 जगहों पर बायोमैट्रिक हिसाब से जगह अलॉट की जाएगी। वहीं 9 ऐसे स्थान तय किए गए है जहां स्ट्रीट वेंडर्स को अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी। दूसरी तरफ पॉलिसी लागू होने से शहर की सड़कों को व्यवस्था के लागू होने से स्ट्रीट वेंडर्स को तय जगह मिल जाएगी, जिससे सिटी में 60 फीसदी जगह पर कब्जा कर बैठे रेहड़ी चालकों के कारण लगने वाले जाम से भी मुक्ति मिलेगी। इसके साथ ही निगम की आय में 6 करोड़ रुपए की सालाना बढ़ोतरी भी होगी।

नगर निगम ने इन सड़कों पर बनाए दो जोन

जैतो बठिंडा रोड 100 फीट रोड बीबी वाला रोड बरनाला बाईपास जीटी रोड बठिंडा-गोनियाना सड़क बठिंडा-मानसा रोड बठिंडा डबवाली रोड

राहत

नौ साल बाद योजना को अमलीजामा पहनाने की तरफ उठाए कदम

बता दें कि केंद्र सरकार ने देश में 2009 में स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी लागू की थी, तब कांग्रेस की सरकार थी। पॉलिसी के मुताबिक इन स्ट्रीट वेंडर को एक अच्छी जगह भी मिल जाएगी और उनका रोजगार आगे बढ़ सकेगा। 2014 में नोटिफिकेशन जारी किया गया था। पॉलिसी के तहत निगम के कमिश्रर की अध्यक्षता में टाउन वेडिंग कमेटी बनाई गई थी। इसमें नगर निगम के अधिकारी, मेडिकल ऑफिसर, फायर अथॉरिटी, ट्रैफिक पुलिस के दो ऑफिसर, मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारी, आरडब्ल्यूएस के पदाधिकारी को शामिल किया गया था। साल 2016 में फिर से योजना पर काम शुरू किया गया लेकिन 2017 में चुनाव के चलते इसे लागू नहीं किया जा सका। अब 9 साल बाद योजना को अमलीजामा पहनाने की तरफ कदम बढ़ाया जा रहा है।

रोड के दोनों तरफ

30 रेहड़ी

शहर में 60% सड़कों पर कर रखे हैं कब्जे जिनसे हो जाता है ट्रैफिक जाम, अब इस समस्या से मिलेगी निजात, निगम ने सर्वे करने के बाद मंजूरी के लिए भेजा निकाय विभाग को प्रस्ताव

18 रेहड़ी

माल रोड पावर हाउस रोड माडल टाउन मेन रोड

रोड के एक तरफ

15 रेहड़ी

मुल्तानिया फ्लाईओवर

मुल्तानिया रोड

योजना लागू नहीं होने से ट्रैफिक की समस्या

ट्रैफिक के लिए सड़क 40 प्रतिशत इस्तेमाल होती हैं रेहडिय़ों का कब्जा 60 प्रतिशत सड़क पर है। निगम और ट्रैफिक पुलिस का काम चालान काटना रह गया है। रेहडिय़ों और फडिय़ों से वसूली हो रही है लेकिन यह निगम के खाते की बजाय करप्शन अकाउंट में जा रही है। रेहड़ी मार्केट डेवलप करने का काम सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर पर हो रहा है। प्राइवेट कंसलटेंट कंपनी के सर्वे में 3735 से ज्यादा वेंडर्स रजिस्टर्ड हुए थे। सर्वे में यह भी तय किया है कि रेहड़ियां-फड़ियां कहां लग सकती हैं। पहले 38 तो अब इसे कम कर 34 वेडिंग जोन तय किए जा चुके हैं। इन 9 जोन में रेहड़ियां नहीं लगाई जा सकेगी।

12 रेहड़ी

सदर बाजार रोड एसएसडी मंदिर रोड धोबी बाजार बैंक बाजार रोड अजीत सिंह रोड अमरीक सिंह रोड नरुआना रोड

यहां नहीं लगेगी रेहड़ी

भागू रोड धोबियाना गुरुकुल मेन रोड ओवर पास रेलवे परसराम नगर मिड्डू-मल स्ट्रीट किक्कर बाजार रोड़ माल गोदाम रोड़ हाजी र| रोड़ में रेहड़ी नहीं लगा सकेंगे।

ट्रैफिक सिस्टम में बड़ी रुकावट | रेहड़ियां-फड़ियां ट्रैफिक के लिए बड़ी समस्या हैं। मेन रोड पर रेहड़ियां लग रही हैं। रेलवे रोड के आस-पास और अमरीक सिंह रोड व दाना मंडी में बड़े हिस्से पर इनका कब्जा है। संडे मार्केट से तो ट्रैफिक व्यवस्था ठप हो जाती है।

वेंडरों को फायदे |नगर निगम से आईडी कार्ड और लाइसेंस मिलेगा, फड़ और ढेली लगाने में नहीं काटा जाएगा चालान, सरकारी सुविधाओं का मिल सकेगा लाभ, अतिक्रमण होने से मिलेगा एक निश्चित स्थान। बठिंडा शहर में लगभग पांच हजार लोग सड़क के किनारे बैठ और रेहड़ी फड़ी लगाकर अपने परिवार का पेट भर रहे हैं। इसमें बड़ी गिनती सब्जी और फल बेचने वाले लोगों की है।

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