भाग्य के विपरीत किसी को कुछ नहीं मिलता : भुवनेश्वरी
ग्रीन सिटी में प्रवचन के दौरान ज्योति प्रज्ज्वलित करते मुख्य मेहमान।
भास्कर संवाददाता|बठिंडा
ग्रीन सिटी में जारी भगवत भक्ति प्रवचन के दौरान ब्रज भुवनेश्वरी देवी ने श्रद्धालुओं को बताया कि कर्मयोग यानी गृहस्थ में रहकर भी ईश्वर भक्ति करनी चाहिए क्योंकि बिना भक्ति के जीव का कल्याण को ही नहीं सकता। भक्ति अमृत है यानी अ + मृत, मतलब जो कभी न मरे। भगवान का नाम लेने के लिए कोई एकांत की जरूरत नहीं और न ही कोई समय अथवा स्थान का बंधन है। भगवान तो आपकी सेवा के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। भुवनेश्वरी देवी ने बताया कि कामनाओं को छोड़ देने से जीव आनंदमय हो जाएगा और उपासना करने से जीव को लक्ष्य की प्राप्ति हो जाएगी। सबसे पहले जीव के निष्काम कर्म-धर्म का पालन करके, अंत: करण शुद्ध करना होगा फिर भक्ति करनी होगी। उन्होंने बताया कि जो भाग्य में है वह भोगना ही पड़ेगा। भाग्य के विपरीत किसी को कुछ नहीं मिलता। भगवान से जितना प्रेम बढ़ेगा, उतना आनंद मिलेगा। इस मौके पर डॉक्टर हेमंत, अमित गोयल, राकेश नरूला, रजनीश, संजय कुमार, अमित, अमरनाथ जिंदल आदि द्वारा ज्योति प्रज्जवलित किया और कथा वाचक भुवनेश्वरी देवी को फूल माला भेंट किया। इस मौके पर ग्रीन सिटी वेलफेयर सोसायटी फेस वन प्रेसीडेंट ओमप्रकाश शर्मा, रोशन लाल, योगिंदर मोहन, प्रवीन गोयल, विनोद सिंगला, अमित वधवा, इंद्रमोहन, अरविंद अग्रवाल, पवन अरोड़ा, प्रदीप सिंगला, वीरेंद्र मोहन, दर्शन गर्ग, डीपी गोयल, गुरदास गर्ग, प्रदीप बांसल, डॉ कस्तूरी लाल, विजय वर्मा, रॉकी, अमृत पाल आदि उपस्थित थे।