घरों में सप्लाई बंद, अफसर बोले-15 नहीं 17 तक आ सकता है पानी
नहरबंदी के 15 दिन बाद महानगर के वाटर वर्क्स सूख गए हैं। वर्तमान में इमरजेंसी के लिए 5 से 10 फीसदी पानी ही बचा है, जिसके चलते निगम ने शहर में वाटर सप्लाई देना बंद कर दिया है। लाइन पार इलाकों के साथ शहर के कई इलाकों में 2 दिन पहले से ही पानी की सप्लाई देना बंद कर दी गई थी जबकि बाहरी बस्तियों में वाटर टैंकरों के माध्यम से दी जाने वाली सप्लाई भी बंद हो चुकी है।
इसके चलते शहर में लोग जमीन का खारा और दूषित पानी इस्तेमाल करने को मजबूर हो रहे हैं। शहर के आरो में पानी फिल्टर कर दिया जा रहा है लेकिन इसमें भी अधिकतर आरो जमीनी पानी पर ही निर्भर है। पहले नहरबंदी 15 अप्रैल तक की गई थी, लेकिन अब इसमें 17 अप्रैल तक पानी आने का आश्वासन दिया जा रहा है। इस स्थिति में लोगों को आगामी 3 दिन तक पानी की समस्या से दो चार होना पड़ेगा। लेकिन अभी तक नहरबंदी नहीं खुली है, जबकि नहरी विभाग के शहर के तीन स्टोरेज टैंक व 11 टंकियां में पानी खत्म हो चुका है।
एक अप्रैल से है नहरबंदी, वाटर वर्क्स का स्टोर पानी मिल रहा था
हर घर को मिलता है प्रतिदिन 35 लीटर पानी...
शहर में हर घर को 35 लीटर पानी एक दिन में दिया जाता है, जबकि प्रतिदिन 3 वाटर वर्क्स से 84 लाख 76 हजार गैलन पानी की सप्लाई दी जाती है। शहर में एक दिन में 115 लाख गैलन पानी की खपत है। वाटर सप्लाई और सीवरेज बोर्ड के पास तीन वाटर वर्क्स हैं। इसमें 10 मिलियन गैलन( एमजी) की क्षमता वाला रोज गार्डन वाटर वर्कर्स, मानसा रोड स्थित इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर में 1.5 एमजी वाटर वर्कर्स के अलावा आईटीआई 02 एमजी वाटर वर्कर्स है। वहीं चौथा वाटर वर्कर्स भागू रोड पर है, जिसे वाटर सप्लाई एवं सेनिटेशन विभाग संचालित करता है। हालांकि शहर में करीब 11 पानी की टैंकी भी है, जिसे पूरे शहर को पानी की सप्लाई होती है। तीन वाटर वर्कर्स से रोजाना 12.3 मिलियन गैलन यानि 4 करोड़ 65 लाख लीटर पानी की आपूर्ति होती है। शहर में हर रोज 10 मिलियन गैलन प्रतिदिन(एमजीडी) पानी की खपत होती है।
15 तक पानी आया तो समस्या नहीं
नहरबंदी के कारण पानी की समस्या आ रही है, लेकिन स्टोरेज पानी से सप्लाई दी जा रही है। अगर 15 अप्रैल तक नहरबंदी खुल जाती है, तो पानी की समस्या नहीं आएगी। -रवि कुमार, एसडीओ, वाटर सप्लाई विभाग।
गौर हो कि 1 अप्रैल से नहरी विभाग ने नहरबंदी की हुई, जिससे नहर में पानी की सप्लाई बंद है। इस बारे में वाटर सप्लाई विभाग को पहले ही सूचित कर दिया गया था। इस कारण विभाग ने पहले ही पानी का स्टोरेज बड़े टैंक में कर रखा था, लेकिन नहर बंदी ज्यादा लंबी हो जाने की वजह से स्टोर किया गया पानी दिन-प्रतिदिन कम होता जा रहा है। शहर में हर रोज 10 मिलियन गैलन प्रतिदिन(एमजीडी) पानी की खपत होती है।
अभी सूचना नहीं, कब खुलेगी बंदी
नहरी विभाग ने अभी तक उन्हें को सूचना नहीं दी है कि नहरबंदी कब तक खुलेगी। इसलिए पानी की सप्लाई में कटौती की गई है। हालांकि हमारी कोशिश है लोगों को पानी को लेकर समस्या न आए। -श्रीनिवास, मैनेजर, त्रिवेणी कंपनी।
रोजमर्रा के काम प्रभावित
महानगर में पीने के पानी की बजाए घरों में बर्तन साफ करने, स्नान करने, समेत अन्य कार्य के लिए पानी नहीं मिल रहा है। इसकी वजह से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित हो रही है।