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एससी केे फैसले के 10 माह बाद भी नहीं बनी रिंग रोड

3 वर्ष पहले
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शहर में आने वाले आधे से ज्यादा ट्रैफिक को कम करने के लिए बनने वाली रिंग रोड का मामला सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद भी 2001 से अधर में लटक रहा है। रोड के निर्माण को लेकर जमीन अधिग्रहण का काम जून 2017 में फैसला होकर भी 10 महीने बाद सिरे नहीं चढ़ पाया है। इस बारे में ट्रस्ट के अफसरों का कहना है कि रोड का केस डीसी के पास है, जिनके द्वारा जमीन अधिग्रहण को लेकर फैसला सुनाया जाएगा। इसके बाद ही रोड का निर्माण होने का काम शुरू हो पाएगा। कैंट एरिया के साथ साथ बरनाला मानसा डबवाली रिंग रोड का निर्माण करने के लिए अकाली सरकार के लोकल बॉडी मंत्री बलराम जी दास टंडन ने 8 अप्रैल 2001 में नींव पत्थर रखा था।

अधर में प्रोजेक्ट

ट्रस्ट अधिकारियों ने कहा- डीसी के पास है केस पेंडिंग, डीसी बोले- जल्द सुनाएंगे फैसला

बठिंडा की रिंग रोड, जिसका केस अभी डीसी (बठिंडा) के पास पेंडिंग है।

सुनाया जाना है फैसले

रिंग रोड की 45.57 एकड़ विवादित जमीन का केस डीसी बठिंडा के पास है, जिनके द्वारा फैसला सुनाया जाना है। अब वह फैसला सुनाएंगे, जिसके बाद रोड के निर्माण का काम शुरू होगा। अंकुर गोयल, एसडीओ, नगर सुधार ट्रस्ट।

इनको फायदा| रिंग रोड बीबी वाला रोड से लेकर ग्रोथ सेंटर तक जाएगी। ट्रस्ट की तरफ से रोड का निर्माण कर देने के बाद पुडा रोड के निर्माण को लेकर अपने प्रयास शुरू करेगा। वहीं रोड का निर्माण होने से शहर के लोगों को अधिक फायदा होगा। साथ ही शहर से गुजरने वाले वाला ट्रैफिक बरनाला से मानसा या मानसा से बरनाला की तरफ से जाने के लिए रिंग रोड से हो जाएगा।

सभी के बयान किए दर्ज

रिंग रोड के निर्माण को लेकर लोगों के केसों की सुनवाई कर ली गई है। जिनमें सभी के बयान दर्ज कर लिए हैं व केस को पूरी तरह से स्टडी हो गया है। अब इसका जल्द ही फैसला सुनाया जाएगा। दीप्रवा लाकरा, डीसी, बठिंडा।

डीसी ने की है सुनवाई

नगर सुधार ट्रस्ट की रिंग रोड फेस-1 का निर्माण कार्य पूरा करने को लेकर डीसी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर लोगों की सुनवाई की है। क्योंकि रिंग रोड की विवादित 45.57 एकड़ जमीन को लेकर लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में केस दायर किया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले को देखते हुए कार्रवाई के लिए आगे डीसी को लिख दिया। डीसी ने लोगों के केसों की सुनवाई तो कर ली, जिसकी सारी कार्रवाई भी पूरी हो चुकी है, लेकिन सिर्फ फैसला सुनाना बाकी है। लोगों ने विरोध जताया है कि ट्रस्ट की ओर से रिहायशी इलाके में भी जमीन को एक्वायर कर कॉलोनी बनाने की प्लानिंग की जा रही है। लेकिन वह रिंग रोड के हिस्से आने वाली जमीन देने को तैयार हैं। ऐसे में वह कम पैसों में अपनी बाकी जमीन को नहीं देंगे।

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