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वाहन 4 सॉफ्टवेयर में पुराने वाहनों की आरसी के ट्रांसफर होने में लग रहा समय

3 वर्ष पहले
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1 जनवरी से केंद्र की ओर से शुरू किया गया एनआईसी का वाहन 4 सॉफ्टवेयर अप्रैल का आधा महीने गुजर जाने पर भी सही ढंग से काम नहीं कर रहा है। जिन लोगों ने पुराने वाहन खरीदे हैं उनको आरसी नाम करवाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। पहले कई दिन तक आरसी एक्टिवेट नहीं होती, अगर हो जाती है उसके बाद टैक्स कैलकुलेट होता है, जिसके 24 घंटे में फीस जमा करवानी होती है। सॉफ्टवेयर के सही ढंग से काम न करने के चलते टैक्स जमा नहीं हो पाता। वहीं अगर पुराने वाहन से हादसा या क्राइम होता है तो पुलिस रिकार्ड के अनुसार वाहन के पुराने मालिक से तालमेल करेंगे जबकि असल में उसको चला कोई ओर रहा है। दूसरी तरफ आरटीए दफ्तर में जहां डाक्यूमेंट्स को अपलोड करने का काम किया जाता है, वहां कमरे को ताला लगा दिया गया है। स्टाफ अंदर बैठकर काम करता है तो लोग गेट पर खड़े होकर उनका इंतजार करते हैं।

वाहनों की आरसी एक्टिवेट होने के बाद 24 घंटे में जमा करवानी होती है फीस

यह हैं वाहन 4 की कमियां

जनवरी से मार्च के बाद 30 अप्रैल तक अगला टैक्स भरने को कमर्शियल वाहनों का डाटा नहीं हो रहा अपलोड।

स्टाफ को साफ्टवेयर चलाने की नहीं दी ट्रेनिंग तो लोगों की सुविधा के लिए न जारी किया हेल्पलाइन नंबर

ट्रांसपोर्ट के वाहन अब साफ्टवेयर में नान ट्रांसपोर्ट के दिखा रहे हैं। इनको ठीक करने में समय लग रहा है।

बठिंडा व मानसा जिले का एक ही आरटीए दफ्तर होने के बाद भी आपस में कोआर्डिनेशन नहीं हो पाया है।

ट्रांसपोर्टरों के बसों के परमिट साफ्टवेयर में अपलोड नहीं हुए, जिसके चलते मैनुअल टैक्स भरवाया जा रहा है।

वाहनों को ट्रांसफर करवाने के लिए की जाने वाली कॉपी की एक्टिवेशन भी नहीं हो रही।

इन्हें नहीं मिल रही आरसी

आरटीए दफ्तर में हर रोज पहले करीब 300 वाहनों की रजिस्ट्रेशन होती थी, लेकिन अब लोगों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। आरटीए दफ्तर में वाहनों की आरसी लेने के लिए पहुंचे एयू स्माल फाइनेंस बैंक के एरिया मैनेजर उपिंदर कुमार ने बताया कि उनके द्वारा वाहनों का लोन करने के बाद आरसी का डाटा अपलोड करना पड़ता है, लेकिन 4 महीनों से उनको काफी परेशान होना पड़ रहा है, जिसके चलते उनकी कई आरसी रुकी हुई हैं। इसके अलावा मानसा के मनप्रीत सिंह ने पुरानी गाड़ी खरीदी थी, लेकिन वह साफ्टवेयर की खराबी के कारण ट्रांसफर नहीं हो पाई। मगर इस दौरान उनकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया, जिसके चलते उनको गाड़ी का बीमा क्लेम नहीं मिल पाया।

आरटीए दफ्तर में जहां दस्तावेज जमा होते हैं, उस कमरे को ताला लगा दिया गया। स्टाफ अंदर बैठ काम करता है और लोग बाहर इंतजार।

भविष्य में परेशानी से बचने के लिए यह करें

आरटीए दफ्तर में बठिंडा जिले के लिए PB-03-AW सीरिज चल रही है, जबकि इस सीरिज में जो भी वाहन रजिस्टर्ड हो रहे हैं, उनकी कॉपी को एक्टिवेट किया जा रहा है। इससे पहले जितनी भी आरसी जारी हुई हैं वह बिना एक्टिवेशन के ही चल रही हैं। मगर अब सॉफ्टवेयर में आरसी एक्टिवेट नहीं है तो वह ट्रांसफर नहीं हो पाएगी। लोगों को चाहिए कि वे दफ्तर में पहुंच कर अपने वाहनों की आरसी को जरूर एक्टिवेट करवाएं। अप्रैल से जून तक का 3 महीने का क्वार्टरली टैक्स भरने के लिए 30 अप्रैल आखिरी तारीख है। अगर आप अपने वाहनों का डाटा सॉफ्टवेयर में अपलोड करवा लेते हैं तो जून के बाद टैक्स भरने के लिए दफ्तर में आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

क्राइम या हादसा होने पर पुराने मालिक पर होगा एक्शन

हेड आफिस कर रहे संपर्क

लोगों की सुविधा के लिए अब सारा काम किया जा रहा है। लोगों को भी चाहिए कि वह अपने कमर्शियल वाहनों का डाटा अपलोड करवा दें, जिसके साथ उनको भविष्य में परेशान नहीं होना पड़ेगा। वहीं वाहनों की एक्टिवेशन के लिए लगातार हेड आफिस में संपर्क किया जा रहा है। मुनीश चौधरी, सेक्शन अफसर, रीजनल ट्रांसपोर्ट अथार्टी।

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