पंजाब में 1200 से अधिक लैब्स, बठिंडा में एेसी 35, कंप्लेंट के बाद भी कार्रवाई नहीं : डॉ. मित्तल
बठिंडा| देश भर में एक लाख से ज्यादा चल रही अवैध मेडिकल लैबोरेटरी बंद होनी चाहिए। 12 दिसंबर 2017 को सुप्रीम कोर्ट भी निर्देश दे चुका है कि लैबोरेटरी की केवल उसी रिपोर्ट को मान्य समझा जाएगा, जिन पर एमडी पैथोलॉजिस्ट के दस्तखत हुए होंगे। यह बात देश के विभिन्न राज्यों से आए पैथोलाजिस्टों ने यहां एक होटल में एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजिस्ट एंड माइक्रो-बायोलॉजिस्ट द्वारा आयोजित कांफ्रेंस में कहीं। इस दौरान डाॅ. राजिंदर लालानी, डाॅ. महेंद्र पटेल, डाॅ. राजीव राव, डाॅ. शीना गुप्ता, डाॅ. अनीता मित्तल, डाॅ. जगदीश केसकर तथा डाॅ. संजय बेदी ने गुजरात के राजकोट से आए डाॅ. राजिंदर लालानी ने कहा कि डाॅक्टर को जब मरीज की बीमारी समझ में नहीं आती तो वो उसे टेस्ट कराने के लिए लैबोरेटरी भेजता है। एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजिस्ट एंड माइक्रो-बायोलॉजिस्ट की प्रधान डा. अनीता मित्तल ने बताया कि पंजाब में 1200 से ज्यादा अवैध लैबोरेटरी चल रहीं हैं। जबकि राज्य में 600 एमडी पैथोलॉजिस्ट हैं। बठिंडा में 35 अवैध लैबोरेटरी पर कार्रवाई के लिए सिविल सर्जन को जनवरी में एक मेमोरंडम दिया गया था। मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। सीएमओ का तर्क यह था कि उन्हें सरकार की ओर से कोई आदेश नहीं आया है। बठिंडा मेडिकल लैबोरेटरी टेक्निकल एसो. के चेयरमैन और पंजाब एक्शन कमेटी के हेड अशोक गोयल ने कहा कि हमारी कोई भी लैब अवैध नहीं हैं। अपने फायदे के लिए पैथोलॉजिस्ट हमारा काम छीनना चाहते हैं।
विभिन्न राज्यों से आए पैथोलाजिस्टों ने बठिंडा के होटल में की कांफ्रेंस।