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असला लाइसेंस रिन्यू कराने आए 790 लोगों का डोप टेस्ट, 49 सैंपल पॉजिटिव

3 वर्ष पहले
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केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से असलहा लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए डोप टेस्ट अनिवार्य कर देने के बाद सिविल अस्पताल में शौकीनों की भीड़ देखने को मिल रही है। इसके चलते अभी तक यहां पर 790 डोप टेस्ट हुए हैं, जिसमें से 49 टेस्ट पॉजिटिव आए हैं। यहां पर सरकारी की तरफ से मुहैया करवाई गई डोप टेस्ट किटों की बजाय प्राइवेट महंगे दाम पर एक ही कंपनी की किटों को खरीद कर टेस्ट किए जा रहे हैं। जबकि अस्पताल के स्टोर में इस समय 1 हजार से ज्यादा डोप टेस्ट की किटें उपलब्ध हैं। गौर हो कि बठिंडा के सिविल अस्पातल में 7 जिलों का ड्रग वेयर हाऊस बना हुआ है, जिसमें भारी गिनती में अबोन कंपनी की सरकार द्वारा भेजी डोप टेस्ट किटें भी मौजूद हैं।

320 रुपए बढ़ाई फीस, अब लिए जा रहे हैं 820 रुपए

असलहा लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए अस्पताल में अब तक 790 असलहा धारकों के डोप टेस्ट किए गए हैं। इनमें से 49 असलहा धारकों के टेस्ट पॉजिटिव निकले हैं, जिनको अब कम से कम अगले तीन महीनों तक इंतजार करना पड़ेगा। जबकि जब तक इनका टेस्ट नेगिटिव नहीं होता, तब तक इनका लाइसेंस रिन्यू नहीं किया जाएगा। डोप टेस्ट के लिए पिछले दिनों में फीसों में भी बढ़ोतरी की गई है। जिसके तहत अभी शुरू किए इन डोप टेस्टों के लिए पहले 500 रुपए लिए जाते थे, जिसमें अब 320 रुपए की बढ़ोतरी कर 820 रुपए लिए जा रहे हैं।

1800 किटें की गई हैं जारी, 790 की गईं प्रयोग

ड्रग वेयर हाउस ने सिविल अस्पताल को डोप टेस्ट के लिए 1800 किटें जारी हैं, जिनमें से अभी तक 790 किटें प्रयोग हो चुकी हैं और 1010 किटें टेस्ट करने वाले स्टाफ के पास मौजूद हैं। स्टाक में एक हजार से ज्यादा किटें मौजूद होने के बाद भी एक प्राइवेट मेडिकल एजेंसी से खरीदी गई एक ही अबोन कंपनी की महंगी किटों के द्वारा डोप टेस्ट किए जा रहे हैं। जबकि सरकारी द्वारा भेजी गई व प्राइवेट कंपनी से खरीदी गई किटें एक ही कंपनी की हैं। लेकिन सरकारी किटें सिंगल हैं तो प्राइवेट किटें मल्टीपल हैं।

प्राइवेट किटें न खरीदने के दिए गए हैं निर्देश

प्राइवेट किटों को न खरीदने के लिए निर्देश जारी किए हैं। किसी ने उनकी जानकारी के बिना प्राइवेट तौर पर डोप टेस्टिंग किटें खरीदी हैं तो वे खुद जिम्मेवार होंगे। जबकि सरकारी किटें स्टोर में उपलब्ध हैं। डॉ. एचएन सिंह, सिविल सर्जन।

केंद्रीय गृह विभाग से जारी हुए हैं आदेश

केंद्रीय गृह विभाग के आदेशों के अनुसार अब केवल ऐसे ही लोगों के लाइसेंस रिन्यू किए जाएंगे जो नशा रहित होंगे। इसके लेकर गृह विभाग पंजाब ने डोप टेस्ट जरूरी कर दिया है। इस संबंध में गृह विभाग के स्पेशल सचिव ने 6 मार्च को जिलों के डीसी को पत्र कर स्पष्ट हिदायत दी कि आर्म्स एक्ट के अनुसार प्रार्थी का असला लाइसेंस बनाने या रिन्यू करने के लिए डोप सर्टिफिकेट लेना यकीनी बनाया जाए।

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