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बठिंडा किले के रानी महल की रिपेयर को

3 वर्ष पहले
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शहर की ऐतिहासिक धरोहर रजिया सुल्ताना किले में बंद पड़े रानी महल की रिपेयर के लिए अब केंद्र ने मंजूरी दे दी है। इस पर करीब 2 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके बाद रानी महल को देखने के लिए बंद पड़ा रास्ता आम लोगों के लिए भी खोल दिया जाएगा। रानी महल को पहले जैसा बनाने के लिए राजस्थान और धौलपुर के कारीगरों के साथ संपर्क किया जा रहा है। वहीं इस खास लकड़ी देवदार को हिमाचल से लिया जाएगा। इसके अलावा किले की दीवारों के निर्माण के दौरान सीमेंट का प्रयोग करने की बजाय चूने का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं काम पूरा होने में दो साल लग जाएंगे।

राजस्थान और धौलपुर के कारीगर करेंगे रानी महल की

रिपेयरिंग, हिमाचल से मंगवाई जाएगी देवदार की लकड़ी

पहले फेस में यहां शुरू किया जाएगा काम

केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद जारी हुए दो करोड़ के फंड से रानी महल के साथ साथ तीसरी मंजिल पर बने कमरों की रिपेयर की जाएगी। इसके साथ 5वीं मंजिल को भी शामिल किया गया है। जबकि चौथी मंजिल की रिपेयर पहले करवाई जा चुकी है। वहीं यह सारा काम मुकम्मल होने के बाद दूसरी मंजिल की रिपेयर का काम करवाया जाएगा। इसके साथ किले के मुख्य गेट को भी रिपेयर करवाने के लिए काम किया जाएगा।

किले में पूर्व साइड की दीवार की हो रही रिपेयरिंग।

अब हो रही है इनकी रिपेयरिंग

किले में रानी महल की रिपेयर से पहले अब पुराना गुरुद्वारा के स्टोर रूम और पूर्व साइड की टूट रही दीवार की रिपेयर करवाई जा रही है, जिस पर डेढ़ करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। दीवार की रिपेयर 95 मीटर के एरिया में की जा रही है।

इस हिस्से की रिपेयर पहले की जाएगी।

अक्टूबर 2013 में भी हुआ था सर्वे

अक्टूबर 2013 में भी पुरातत्व विभाग चंडीगढ़ की दो सदस्यीय टीम ने किला मुबारक के रानी महल अन्य हिस्सों का दौरा कर संरक्षण और सौन्दर्यीकरण के लिए खाका तैयार किया था। इसके आधार पर टूट चुके हिस्सों की रिपेयरिंग कर संरक्षित करने का प्लान था।

50% प्रयोग होगा पुराना सामान

किले की रिपेयर से पहले पुरानी इमारत को ध्वस्त किया जाएगा। इस दौरान निकलने वाला मटीरियल भी आधा प्रयोग किया जाएगा। क्योंकि आज के समय में पुरानी लखौरी ईंट का मिलना मुश्किल होता है। वहीं किले के प्रबंधकों द्वारा लखौरी ईंट के लिए कई जगहों पर संपर्क भी किया जा रहा है। एएसआई का मानना है कि इसका मकसद खर्च कम करना नहीं, बल्कि किले को पुरानी पहचान देना है।

रिपेयरिंग के लिए बजट पास

बठिंडा किले के रानी महल की रिपेयर के लिए केंद्र से मंजूरी मिल गई है, जिसके लिए 2 करोड़ का बजट पास हुआ है। अब इनका टेंडर निकाल कर काम शुरू करवाया जाएगा। तारक सिंह, सहायक संरक्षक, बठिंडा किला।

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