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जिले में 1 लाख एमटी गेहूं की आमद होने के बाद भी खरीद हुई 50 फीसदी

3 वर्ष पहले
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गेहूं का सीजन शुरू हुए 15 दिनों का समय हो गया है, लेकिन अभी भी मंडियों में किसानों को 38 डिग्री तापमान के बीच पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। अनाज मंडियों में 1 अप्रैल से अब तक 1,08,725 एमटी गेहूं की आमद हो चुकी है, जिसमें से 55,286 एमटी की ही खरीद हुई है। जबकि बाकी की 53,459 एमटी की खरीद को लेकर अभी भी किसान मंडियों में इंतजार कर रहे हैं। गत वर्ष इस दिन तक 1 लाख 93 हजार 174 एमटी की खरीद की जा चुकी थी। जो इस बार मौसम में बदलाव के कारण देरी से चल रहा है।

मंडी में नहीं पेयजल की सुविधा: सुरजीत

जिले में कई जगहों पर खरीद न होने के विरोध में किसानों ने संघर्ष भी शुरू कर दिया है, जिसके तहत शनिवार को मौड़ मंडी में किसानों ने प्रदर्शन किया तो दो दिन पहले उनके द्वारा भुच्चो मंडी के अलावा मानसा में भी प्रदर्शन किया। दूसरी तरफ मौसम विभाग ने 17 अप्रैल को भारी बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में मंडियों में खुले में पड़ी फसल बारिश में भीग सकती है, जिसको लेकर किसान काफी चिंतित हैं। वहीं मंडी में फसल लेकर आए गांव गुलाबगढ़ के किसान सुरजीत सिंह ने बताया कि मंडी में पीने वाले पानी का कोई प्रबंध नहीं है। वहीं किसान सुखदीप सिंह ने बताया कि मंडी में फसल को बारिश से बचाने का भी कोई प्रबंध नहीं है।

इस बार लेट है गेहूं का सीजन... इस बार मौसम के कारण गेहूं की कटाई में देरी हो हो रही है। जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गत वर्ष 15 अप्रैल तक 1 लाख 93 हजार एमटी की खरीद हो चुकी थी। जबकि इस वर्ष अभी तक 1.08 लाख एमटी की आमद ही हुई है। जिले में इस बार 2.53 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई की गई है। वहीं पिछले हफ्ते जिले में हुई 7.2 एमएम बारिश के बाद अब मौसम विभाग ने फिर से 17 अप्रैल को बारिश की चेतावनी दी है, जिसके साथ मंडियों में खुले में पड़ी किसानों को अपनी फसल के भीगने का इंतजार है। जबकि गत वर्ष हुई बारिश के बाद तापमान में भी बढ़ोतरी हो रही है।

इन्होंने खरीदा गेहूं ...जिले की मंडियों में अभी तक पनग्रेन ने 8685 एमटी की खरीद की है, जिसमें 5625 अपने लिए तो 3240 एमटी सेंटर पूल के लिए है। इसके अलावा मार्कफेड ने 14721, पनसप ने 9305, वेयर हाऊस ने 7535 व पंजाब एग्रो ने 8700 एमटी की खरीद की है। इसके अलावा 8140 एमटी प्राइवेट खरीद की गई है। जबकि सबसे बडी खरीद एजेंसी एफसीआई ने अभी तक अपनी खरीद को शुरू भी नहीं किया है। वहीं जिन खरीद एजेंसियों द्वारा गेहूं की खरीद की गई है, उसमें से अभी तक सिर्फ 23 फीसदी ही पेमेंट की गई है। दूसरी तरफ जिला मंडी अफसर अपिंदर सिंह के अनुसार मंडियों में किसानों के लिए पूरे प्रबंध हैं, अगर बारिश होती है तो उनके पास फसल को बचाने के लिए पूरी त्रिपालें हैं।

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