खसरा और रुबेला टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने लगाई वर्कशॉप
खसरा अौर रुबेला को जड़ से खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सिविल सर्जन डॉ. एचएन सिंह के नेतृत्व में वर्कशॉप लगाई। इसमें सेहत विभाग के अलावा विभिन्न विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। सिविल सर्जन ने कहा कि खसरे की बीमारी को खत्म करने तथा रूबेला बीमारी की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें 9 महीने से 15 साल तक के सभी बच्चों को खसरा व रुबेला वैक्सीन के टीके मुफ्त लगाए जाएंगे। इस मुहिम के तहत लगभग 4 लाख 14 हजार बच्चों को कवर किया जाएगा। मुहिम के तहत स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के साथ साथ आंगनबाड़ी, सरकारी व प्राइवेट स्कूल, नर्सरी, क्रैच व अन्य शिक्षण संस्थाओं को कवर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खसरा एक वायरल बीमारी है जिससे भारत में प्रतिदिन लगभग 136 बच्चों की मौत हो रही है। इसी तरह रुबेला भी एक वायरल बीमारी है। यदि किसी गर्भवती महिला को गर्भ धारण करने के तीन महीनों के अंदर यह बीमारी हो जाए तो इससे उसका गर्भपात हो सकता है। या फिर मरा हुआ बच्चा पैदा हो सकता है। डाॅ. नेहा शर्मा ने कहा कि वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन ने एमआर वैक्सीन को सुरक्षित मान्यता दी है और 150 देशों में इस का प्रयोग किया जा रहा है। जिला टीकाकरण अधिकारी डाॅ. कुंदन कुमार पाल ने कहा कहा कि टीकाकरण मुहिम शुरू करने से पहले आंगनबाड़ी, सरकारी व प्राइवेट स्कूल की चेकिंग की जाएगी।
सेहत विभाग द्वारा आयोजित वर्कशाॅप में शामिल अधिकारी व कर्मचारी।