पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Punjab
  • Bathinda
  • 3 महीने में 100 लोगों से घर में या फिर सरेराह झपटमारी, पुलिस सिर्फ केस ही दर्ज कर रही

3 महीने में 100 लोगों से घर में या फिर सरेराह झपटमारी, पुलिस सिर्फ केस ही दर्ज कर रही

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जिले का पुलिस-प्रशासन बेशक झपटमारी और लूट की वारदातों को जल्द ट्रेस करने के लाख दावे कर रही है लेकिन स्थिति यह है कि आए दिन शहर और देहात में महिलाएं झपटमारी का शिकार हो रही हैं। झपटमार ज्यादातर बुजुर्ग महिलाओं को ही निशाना बना रहे हैं। पता पूछने के बहाने दिन दिहाड़े वारदातों को अंजाम दे जाते हैं। बठिंडा जिले की बात करें तो पिछले 3 महीने में 100 से ज्यादा झपटमारी और लूट की वारदातें हो चुकी हैं। इनमें से पुलिस किसी भी मामले को ट्रेस करने में नाकाम है। लूट का शिकार लोग थाने के चक्कर लगा कर थक चुके हैं लेकिन उन्हें इंसाफ कब मिलेगा किसी को जानकारी नहीं। हालात यह है कि पिछले 2 साल में करीब 400 महिलाएं व राहगीर ऐसे हैं जो अपने लूटे व छीने गए सामान की वापसी का इंतजार कर रहे हैं। अब तक लोगों ने यहां तक कहना शुरू कर दिया है कि उनका लूटा व छीना सामान तो वापिस नहीं लौट सकता लेकिन कम से कम ऐसी वारदात कर लोगों को दहशत में लाने वाले लोगों को तो पुलिस ट्रेस कर गिरफ्तार करे।

400 महिलाएं और राहगीर अपने लूटे व छीने सामान की वापसी का कर रहे इंतजार

आर्टिफिशयल बालियां पहनने लगी जसवीर कौर

अजीत रोड निवासी जसवीर कौर ने बताया कि दो साल पहले दो झपटमार उसकी सोने की बालियां झपटकर फरार हो गए थे। थाना सिविल लाइन पुलिस थाने से हर बार यही जवाब मिलता है कि जांच कर रहे हैं। मैने तो अब उम्मीद ही छोड़ दी है कि बालियां मिलेंगी। उनकी बालियां डेढ़ तोले की थी। उस घटना के बाद से उन्होंने आर्टिफिशयल बालियां पहननी शुरू कर दीं।

समारोह में जा रहे थे झपट ली चैन

माडल टाउन की वीरपाल कौर 5 मई 2012 को अपनी रिश्तेदार के साथ एक समारोह में जा रही थी। इसी दौरान एक बाइक पर दो युवक आए और गले से एक तोले की सोने की चेन झपटकर ले गए। थाना कैंट पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज किया था। 6 साल हो गए लेकिन अभी तक पुलिस ट्रेस नहीं कर पाई।

ज्यादातर बुजुर्ग महिलाओं को बना रहे निशाना

पता पूछने के बहाने झपटकर ले गए बालियां

शहीद भगत सिंह कालोनी रामपुरा की रहने वाले सीताराम दीपक ने बताया कि उनकी प|ी शशिबाला जो घुटनों में समस्या होने के कारण चल नहीं सकती। दो महीने पहले झपटमार उससे बालियां झपटकर फरार हो गए। घटना को दो महीने से ऊपर का समय हो चुका है लेकिन पुलिस अभी तक उक्त केस को ट्रेस नहीं कर पाई है। उन्होंने एक गिरोह को भी पकड़वाया था लेकिन उनकी बालियां अभी तक नहीं मिलीं।

घर की घंटी बजा आए थे झपटमार

सराभा नगर के रहने वाले मेघराज ने बताया कि 1 साल पहले की बात है। घर की बैल बजने पर जब वह गेट खोलने गए थे तो बाहर दो लड़के खड़े थे। एक ने नीचे उतरकर उससे किसी का पता पूछा। अभी वह कुछ बताता कि उक्त युवक उसके गले में पहनी 3 तोले की चेन झपटकर फरार हो गया।

वारदात के दो साल बाद भी डरती हैं निर्मला देवी

पावर हाउस रोड शिव मंदिर कालोनी वाली गली की रहने वाली निर्मला देवी ने बताया कि ढाई साल पहले दो झपटमार कोल्ड ड्रिंक लेने के बहाने उसकी दोनों बालियां झपटमार कर फरार हो गए थे। उन्होंने पुलिस थाने के कई चक्कर लगाए। थक-हारकर अब उन्होंने उक्त बालियों की मिलने की उम्मीद छोड़ दी है। लेकिन उस दिन की वारदात के बाद आज भी डर लगता है।

पुलिस की नकारा कारगुजारी के चलते ये वारदातें अनट्रेस .... पढ़ें पेज 2 पर

घर के बाहर बैठना भी सुरक्षित नहीं

भारतीय माडल स्कूल रामपुरा के पास रहने वाली 80 साल की माया देवी ने बताया कि उसे कम सुनाई देता है। डेढ़ महीने वह घर के बाहर बैठी थी। एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो झपटमार उसकी कानों की बालियां झपटकर फरार हो गए। माया देवी ने बताया कि पुलिस हर बार उन्हें ये कहकर वापस देती है कि जांच चल रही है।

गिरोह पकड़ने में लगे हैं

वारदातें ट्रेस करने के लिए पुलिस टीमें बनाई हैं। सीआईए-1 और -2 भी अलग से गिरोह पकड़ने का काम कर रही है। नवीन सिंगला, एसएसपी।

खबरें और भी हैं...