बठिंडा | सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर रिंग रोड का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। इसके तहत वीरवार को कैंट थाना के नजदीक पड़ती करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन में से डेढ़ एकड़ में कब्जा हटाया गया। ट्रस्ट की टीम ने लोगों को नोटिस जारी कर नबंरदार अमरजीत सिंह ढिल्लों और बलराज सिंह ढिल्लों के अधीन जमीन से कमरा ट्यूबवेल और दर्जन भर पेड़ों को हटाकर जमीन को समतल किया गया। एक सप्ताह में जमीन को खाली कर वहां रिंग रोड बनाने के लिए रास्ता साफ कर दिया जाएगा। इससे पहले नगर सुधार ट्रस्ट की स्कीम नंबर 45.57 एकड़ में 200 फुट चौड़ी रिंग रोड बनाने का प्रावधान भी रखा गया था जिसमें आधुनिक बस स्टैंड भी बनाया जाना था लेकिन किन्हीं कारणों से वह विवाद को लेकर यह स्कीम सफल नहीं हो पाई। अब उच्च न्यायालय में नगर सुधार ट्रस्ट के हक में फैसला आ चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार जिलाधीश को अधिकार दिए कि वह अवैध कब्जा जमाए व विवादित स्थलों का निपटारा करे।
मकान को तोड़ती जेसीबी
लोगों को मिलेगी राहत ट्रैफिक होगा कम
रिंग रोड के एक ओर तो छावनी का क्षेत्र है व दूसरी ओर फेस-3, धोबियाना बस्ती, कैंट थाना के साथ लगती सड़क मॉडल टाउन सहित कई कालोनियां जुड़ी हुई हैं। अगर रिंग रोड निकल जाती है तो शहर के लोगों को एक बड़ी राहत होती जबकि यातायात में भी सुधार होगा। सरकार व लोगों के पैसे के साथ समय की बचत होगी। बरनाला से डबवाली या मानसा रोड जाने के लिए पूरे शहर को कट कर यह रिंग रोड बनाई गई है और इससे लगभग 10 किलोमीटर का वाहन चालकों को फायदा भी होगा। ऐसे में तेल व समय की बचत होना संभव है तथा शहर से भी भारी वाहनों की आवजाई बंद होगी।