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डेढ़ साल में बनेगा राइजिंग मेन, स्लेज कैरियर टूटने से इस साल भी नहीं रोक सकेगा निगम

3 वर्ष पहले
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मौसम विभाग के मुताबिक इस साल जून से सितंबर के दौरान औसतन 97 प्रतिशत बरसात होने का अनुमान है। बारिश अगर 96 प्रतिशत से लेकर 104 प्रतिशत हो तो मानसून सामान्य कहा जाता है। फिलहाल भविष्यवाणी सही साबित होती है तो बठिंडा शहर के लिए यह दिन परेशानी से भरे होंगे।

हालांकि 2 साल से पहले मानसा रोड पर बनाया गया 12.50 करोड़ के अंडरब्रिज का ड्रेनेज सिस्टम अभी भी दुरुस्त नहीं है। नगर निगम ने राइजिंग मेन का काम कोर्ट में केस जीतने के बाद 20 दिन पहले शुरू कर दिया है, लेकिन इसे पूरा होने में अभी डेढ़ साल लगेगा। इस स्थिति में राइजिंग मेन में ओवरलोड पानी छोड़ने पर टूटने की समस्या इस साल भी रहेगी। वहीं पिछले साल की तरह निगम ने टास्क फोर्स का गठन कर जोन स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। जमीनी सच्चाई यह है कि फंड व प्रबंधकों की कमी बरसात में जलभराव को रोकने में नाकाम रहेगा।

जून से सितंबर तक हो सकती है औसत 97 फीसदी बरसात

पानी कैसे निकालेंगे इसकी प्लानिंग ही नहीं

दो दिन पहले वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने नगर निगम, सीवरेज बोर्ड व जिला प्रशासन के अफसरों के साथ लेक व्यू में बैठक कर हिदायतें जारी की कि वह बरसात के दिनों में पानी की निकासी के लिए अभी से पुख्ता प्रबंध करे। शहर में डिसिल्टिंग का काम त्रिवेणी व सीवरेज बोर्ड करेगा लेकिन इसमें रोड जालियां साफ करने का काम करने में यह कहकर आनाकानी कर रही है यह उनके स्कोप में नहीं है। ऐसे में गलियों, सड़कों का पानी सीवरेज पाइप लाइनों तक कैसे जाएगा इसे लेकर किसी तरह की प्लानिंग अभी तक नहीं हो सकी है।

मौसम विभाग के अनुमान

इस साल जून से सितंबर में 97% बरसात का अनुमान है। वहीं सामान्य यानि 96 प्रतिशत से 104 प्रतिशत बरसात की संभावना 42 प्रतिशत के करीब बताई गई है।

हर साल 8 करोड़ खर्च पर व्यवस्था पूरी नहीं

निगम हर साल 8 करोड़ रुपए सीवरेज बोर्ड को सफाई और ड्रेनेज सिस्टम के लिए अदा करता है। इसके बावजूद बारिश के बाद भट्टी रोड, मैहना चौक, फौजी चौक, सिरकी बाजार, अजीत रोड, पावर हाउस रोड आदि एरिया में भरा पानी निकलने में 24 घंटे लग जाते हैं।

ड्रेनेज सिस्टम भी अधूरा

2013 में पीडब्ल्यूडी ने बठिंडा-मानसा रोड पर 12.50 करोड़ रुपए की लागत से अंडरब्रिज तो बना दिया, मगर इसमें से ड्रेनेज सिस्टम के लिए मात्र दो मोटरपंप ही लगाए। इन मोटर पंपों से उठाए जाने वाले पानी की निकासी के लिए इसे सीवरेज से कनेक्टिविटी नहीं दी।

करोड़ों के नुकसान के बाद 4 अफसर सस्पेंड

2013 में अंडरब्रिज की दोनों दीवारें पानी का रिसाव होने से गिर गई थी, जिससे एक माह ट्रैफिक तो बंद रहा ही करोड़ों का नुकसान होने से 4 अफसरों को सस्पेंड भी किया गया। वर्तमान में स्थिति पूर्व की तरह बरकरार है।

वित्त मंत्री की नसीहत के बाद प्रशासन-निगम की तैयारी

बरसात के मद्देनजर नगर निगम की ओर से अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। निगम के दोनों एक्सईएन चार-चार जोन में मोटरों को चलाना यकीनी बनाएंगे। एक्सईएन संदीप गुप्ता महानगर 1,2,7 व 8 जोन की निगरानी रखेंगे। जबकि एक्सईएन दविंदर सिंह जौड़ा महानगर के 3,4,5 व 6 जोनों पर नजर रखते हुए इनकी इंस्टॉलेशन पर तैनात कर्मियों के संपर्क में रहेंगे।

अधिकारियों के जरूरी फोन नंबर

फ्लड कंट्रोल रूम : 0164-101, 0164-2255101, फायर ब्रिगेड दफ्तर में स्थापित किए गए फ्लड कंट्रोल रूम में सुपरिटेंडेंट रवि लूना (96462-15300), सुपरिटेंडेंट कुलविंदर सिंह (94170-79844), सुपरिटेंडेंट मक्खन लाल (98145-18310) तथा सब फायर अधिकारी जसविंदर सिंह (94634-03227) की रोटेशन वाइस ड्यूटी रहेगी। इसके अलावा पवन कुमार जेई, गुरलाभ जेई, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सतीश कुमार कुमार की भी ड्यूटी लगाई हैं।

अफसरों के नंबर किए हैं सार्वजनिक

निगम की ओर से जलभराव वाले क्षेत्रों में निगरानी के लिए तैनात किए गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं। जलभराव से प्रभावित होने लोग अपने क्षेत्र के संबंधित अधिकारी से संपर्क करें। डा. ऋषिपाल सिंह, नगर निगम कमिश्नर।

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