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स्टेट अवाॅर्ड के लिए डीईओ लिखकर कर रहे टीचर्स का रिकमंडेशन

3 वर्ष पहले
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विशिष्ट गतिविधियों और उपलब्धियों के आधार पर स्टेट अवार्ड लेने के दावेदार अध्यापकों की रिकमंडेशन अब डीईओ ही कर सकेंगे। योग्य अध्यापक का केस डीईओ को अपने हाथ से लिखकर सिफारिश करके भेजना होगा, वो भी 250 से ज्यादा शब्दों से ज्यादा न हो। शिक्षा विभाग ने यह प्रावधान स्टेट अवार्ड की फाइल भेजने से वंचित रहने वाले अध्यापकों को राहत के तौर पर किया है और इस पर भी 10 प्रतिशत की ही शर्त रखी है। स्टेट अवार्ड के लिए अपना केस बनवाने के लिए डीईओ आफिस में इन दिनों अध्यापकों में होड़ मची है और अपने अफसर की खूब सेवा चल रही है। स्टेट अवार्ड 5 सितंबर को मिलेगा।

जिले से प्राइमरी व सेेकेंडरी के 1-1 अध्यापक का केस हुआ अप्रूव, शिक्षा सचिव ने 3 नाम और जोड़े, 8 अध्यापकों के भरे थे फार्म

शिक्षा सचिव से की बैठक

कोठे इंदर सिंह गांव के सरकारी प्राइमरी स्कूल की खूबसूरत छवि और बेहतर परिणाम के आधार पर अध्यापक राजिंदर सिंह, अति विशिष्ट सेवाओं के लिए सरकारी प्राइमरी स्कूल भूंदड़ के निर्भय सिंह व शानदार उपलब्धियों के लिए रामपुरा की सीमा रानी का स्टेट अवार्ड संबंधी केस ऑनलाइन पेचीदगी की वजह से मंजूर नहीं होने पर आलाकमान तक पहुंच बनाई। शिक्षा सचिव ने इन्हें पक्ष रखने के लिए मोहाली बुलाया जहां फाइल स्वीकार करके दावेदारों की सूची के प्राइमरी वर्ग में इनके नाम भी जोड़ लिए गए हैं।

पहली बार ऑनलाइन आवेदन, उलझे अध्यापक

स्टेट अवार्ड के लिए 21 जलाई तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए। शिक्षा विभाग की ओर से मंजूर की गई सूची में जिले से प्राइमरी श्रेणी में सरकारी प्राइमरी स्कूल बुर्ज के प्रवीण शर्मा जबकि सेकंडरी श्रेणी में सरकारी सीसे स्कूल बालियांवाली के अध्यापक सुखजीत सिंह मान का नाम शामिल था जबकि प्राइमरी से 6 और सेकंडरी से 2 अध्यापकों की ओर से स्टेट अवार्ड के लिए दावेदारी जताई गई थी।

दो बार अप्लाई की कंडीशन से अनजान

पहली बार शुरू हुए स्टेट अवार्ड की नोमिनेशन के प्रोसेस से अध्यापक पशोपेश में रहे। अध्यापकों ने स्टेट अवार्ड के योग्य अध्यापकों की फाइल संबंधी केस ऑनलाइन भरकर अप्लाई कर दिया लेकिन फाइल अप्रूव नहीं हुई। इस संबंध में आईटी विंग का तर्क है कि दो बार अप्लाई करना था और इसके बाद ही अप्रूव की ऑप्शन आनी थी। इस बात से अनजान अध्यापकों के नाम स्टेट अवार्ड लिस्ट में दर्ज होने से रह गए।

चंडीगढ़ की टीम ऑन स्पॉट करेगी इंस्पेक्शन

नए नियमानुसार स्टेट अवार्ड के दावेदार खुद ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकेंगे। नामिनेट हुए अध्यापकों की इंस्पेक्शन ऑन स्पॉट होगी। चंडीगढ़ की टीम और डीईओ आफिस की टीम विजिट करके मौके पर ही कार्यशैली का अवलोकन करके अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। पूर्व में स्टेट अवार्ड का केस तैयार करने में लगभग 400 पेजों की फाइल तैयार होती थी जिसे डीईओ रिकमेंड करके हेड आफिस भिजवाते थे।

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