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हरसिमरत की फटकार के बाद सरकार सतर्क, अब चीफ सेक्रेटरी 23 मई को चंडीगढ़ में करेंगे मीटिंग

3 वर्ष पहले
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बठिंडा में 1 हजार करोड़ की लागत से बनने वाले एम्स का निर्माण 1 जून से शुरू होने से पहले 23 मई को चंडीगढ़ में पंजाब के चीफ सेक्रेटरी विभिन्न विभागों के साथ मीटिंग करेंगे। इसमें पावरकॉम, इरीगेशन, लोकल बाॅडीज, पीपीसीबी विभागों को खासतौर पर शामिल किया जाएगा, क्योंकि इनके द्वारा एम्स के निर्माण में आ रही मुश्किलों को दूर करने के लिए एनओसी जारी करनी है। इसके अलावा 24 मई को पटियाला में एनवायरमेंट की मंजूरी लेने के लिए प्रजेंटेशन दिखाई जाएगी। बठिंडा में 1 जून से निर्माण शुरू करने के लक्ष्य को लेकर 10 दिन पहले केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने एम्स की जगह का दौरा किया था। इस दौरान काम के हालत देखकर जहां जिला प्रशासन व सरकार के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया गया था, वहीं काम में देरी करने का संज्ञान लेते हुए चंडीगढ़ में हेड ऑफिस तक बात की गई थी। इसके बाद 23 व 24 तारीख की मीटिंग तय की गई है।

24 को एनवायरमेंट की एनओसी के लिए पटियाला में होगी प्रजेंटेशन

23 को पावरकॉम, इरीगेशन, लोकल बॉडी विभागों पर रहेगा ज्यादा फोक्स

एम्स की एनओसी के लिए करेंगे विचार

बठिंडा में बनने वाले एम्स का तैयार किया गया बाहरी गेट। भास्कर

मई 2020 तक करना है पूरा

एम्स का नींव पत्थर 25 नवंबर 2016 को पीएम नरेंद्र मोदी ने रखा था, जिसको 31 मई 2020 तक पूरा करना है। इस समय के दौरान 1 जून 2018 तक ठेकेदार द्वारा निर्माण के लिए मोबिलाइजेशन करनी है, जिसके बाद 1 जून से इसका निर्माण शुरू होगा। इसको केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल द्वारा टक लगाकर शुरू किया जाएगा। इसके बाद फरवरी 2019 तक ओपीडी शुरू करने का टारगेट है तो जुलाई 2019 तक यहां पर क्लासें लगाने का तय किया गया है।

अगले हफ्ते निर्माण कंपनी के लिए जारी होगा अवार्ड

एम्स के निर्माण के लिए जिस कंपनी को टेंडर अलॉट होना है, उसका अगले हफ्ते अवार्ड निकाला जाएगा। 2 मई को टेक्निकल बिड ओपन हुई थी तो 9 मई को फाइनेंशियल बिड ओपन हुई है। इस दौरान देश की तीन बड़ी कंपनियों एल एंड टी, शापुर व एनसीसी नागराज कंस्ट्रक्शन कंपनी ने टेंडर डाला है। रेट तय करने को लेकर अभी तक कार्रवाई चल रही है। अब अगले हफ्ते जिस कंपनी का रेट कम होगा उसको निर्माण का काम दिया जाएगा। जबकि यह सारा काम हेल्थ एजेंसी हाइट्स के अंडर हो रहा है।

अब तक हुआ यह : नींव पत्थर रखने के बाद इसकी चार दीवारी ा काम होने के अलावा मुख्य बठिंडा-डबवाली रोड से एम्स तक आने वाली सड़क का निर्माण तो किया गया, लेकिन इसको एम्स के गेट तक पूरा करने की बजाए रोक दिया गया। वहीं जो जमीन खाली पड़ी है, अब वहां पर केंद्रीय मंत्री ने नन्ही छांव मुहिम के तहत पेड लगाने की अनुमति दी है। दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री बादल ने भी अब राज्य सरकार को एम्स के निर्माण को लेकर पत्र लिखा है, ताकि इसको शुरू करवाया जा सके।

चार फेस में होगा इनका निर्माण

11 महीने के पहले फेज में अस्पताल की इमारत तैयार कर डायग्नोस्टिक व ओपीडी शुरू की जाएगी। आयुष का निर्माण करने के अलावा गेस्ट हाऊस व डायरेक्टर के रेजिडेंस का निर्माण होगा।

14 महीने के दूसरे फेज में मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, लड़कों और लड़कियों के अलावा 288 नर्सों, 150 वर्किंग नर्सों के लिए होस्टल, 64 टाइप टू के यूनिट, 20 टाइप थ्री के यूनिट, 16 टाइप फोर के यूनिट व सेंट्रल डायनिंग ब्लॉक का निर्माण होगा।

18 महीने के तीसरे फेज में इमारत में आईपीडी व इमरजेंसी के साथ 150 लोगों के लिए नाइट शैल्टर व 6 टाइप 5 के यूनिट बनाए जाएंगे।

24 महीने के चौथे फेज में अस्पताल इमारत में आइपीडी, 80 छात्रों के लिए पीजी होस्टल, 500 लोगों की कैपेसिटी वाला आडिटोरियम, कैफेटेरिया, शॉपिंग सेंटर, फायर स्टेशन, वेस्ट मैनेजमेंट ब्लॉक, हेलीपेड व एनिमल हाऊस का निर्माण होगा। (टाइप 1 से 5 लोगों के रहने के लिए रेजिडेंशियल एरिया बनाया जाएगा।)

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