बयाना |गुर्जर आंदोलन के मद्देनजर पुलिस व प्रशासन ने फील्ड में रहने वाले अपने अधिकारियों व कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता दिखाते इंतजाम करने शुरू किए हैं। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के वाहनों को सुरक्षा के लिहाज से लैस किया जा रहा है। इन्हीं इंतजामों की कड़ी में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के वाहनों के खिड़की-दरवाजों के शीशों के बाहर लोहे की सुरक्षा जालियां लगवाई जा रही हैं।
इसी के साथ वाहनों में अग्निशमन यंत्र भी रखे जा रहे हैं। गौरतलब है कि क्षेत्र में पिछले कई दिनों से गुर्जर आंदोलन को लेकर सुगबुगाहटें चल रही हैं। इसे लेकर आगामी 21 व 23 मई को कारबारी गांव के स्मारक स्थल पर गुर्जर महापंचायतें भी होनी हैं। आंदोलनों के दौरान हिंसा भड़कने के दौरान कई बार भीड़ की ओर से पुलिस व प्रशासन के वाहनों को निशाना बनाया जाता है। इनमें पुलिस-प्रशासन की गाडिय़ों पर पथराव करने के साथ ही आग लगाने के प्रयास होते हैं। ऐसी स्थिति मेें कई बार अधिकारियों को चोटें भी लग जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों के वाहनों में आगे की शीशे सहित साइडों व पीछे की तरफ के शीशों को लोहे की जालियों से कवर किया जा रहा है।