बयाना. महापंचायत स्थगित करने की घोषणा करते छत्तीसा के पंच-पटेल
गुर्जर आरक्षण का मुद्दा| कारबारी में 21 को होनी थी
भास्कर संवाददाता| बयाना
गुर्जर आरक्षण के मुद्दे पर कर्नल बैंसला के विरोध में खड़े हुए छत्तीसा के पंच-पटेलों ने आगामी 21 मई को कारबारी स्थित शहीद स्मारक स्थल पर प्रस्तावित महापंचायत को स्थगित कर दिया है। कर्नल बैंसला के आंदोलन के तरीके को लेकर विरोध में खड़े हुए छत्तीसा के पंच-पटेलों ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी महापंचायत को स्थगित किए जाने की घोषणा की।
हालांकि महापंचायत को स्थगित करने का कारण बताते हुए उन्होंने कहा है कि अन्य जिलों के गुर्जर समाज के प्रमुख लोगों से चर्चा करने के बाद वे बाद में बड़ी महापंचायत बुलाएंगे। जिसकी तारीख बाद में विचार विमर्श के बाद घोषित की जाएगी तथा गांधीवादी तरीके से आरक्षण की मांग के संघर्ष को जारी रखेंगे। जानकारों की मानें तो छत्तीसा के पंच- पटेलों को आशंका थी कि उनकी 21 मई की महापंचायत में असामाजिक तत्व घुसकर माहौल को खराब कर देते। वहीं कारबारी व रसेरी गांवों के लोगों की ओर से भी विरोध की संभावना थी। प्रेस वार्ता में पंच- पटेलों ने कहा कि वे शुरू से ही आंदोलन के दौरान होने वाली हिंसा के खिलाफ हैं। इसलिए ही उन्होंने दूसरा समूह बनाया है। उन्होंने अपनी आरक्षण की मांग को दोहराते हुए कहा कि वे आंदोलन के बजाय मुद्दे को लेकर सरकार से टेबल टॉक के पक्षधर हैं। अगर सरकार नहीं सुनती है तो पूरे समाज को एकत्रित कर गांधीवादी तरीके से ही आंदोलन चलाएंगे। उन्होंने बताया कि कर्नल बैंसला की ओर से 23 मई को कारबारी स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम को लेकर उनका कोई विरोध नहीं हैं। लेकिन वे किसी भी तरह के हिंसात्मक आंदोलन में शामिल नहीं होंगे।
23 मई को पीलूपुरा में श्रद्धांजलि सभा
भुसावर। क्षेत्र के गांव सुहारी में पंच पटेलों द्वारा गुर्जर आरक्षण को लेकर बैठक की गई, जिसमें 23 मई को पीलूपुरा श्रद्धांजलि स्थल पर पहुंचने का आह्वान किया। सुहारी के तारा गुर्जर ने बताया कि गांव में गुर्जर आरक्षण को लेकर बैठक की गई। जिसमें वक्ताओं द्वारा गुर्जर आरक्षण के विषय में विभिन्न जानकारियां पंच पटेलों को दी, जिस पर गुर्जर समाज द्वारा कर्नल बैसला एवं आरक्षण समिति का साथ देने की बात कही।