आंदोलन पर नहीं हुआ फैसला, अब 23 को पीलूपुरा में फिर जुटेंगे गुर्जर
भास्कर टीम| बयाना, रुदावल,भरतपुर
गुर्जरों का आंदोलन मंगलवार को आंधी से बिखर गया। बयाना के अड्डा गांव में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की अध्यक्षता में महापंचायत तो हुई, लेकिन आंदोलन को लेकर कोई फैसला नहीं हो सका। क्योंकि जब बैंसला और समाज के लोगों में इस मुद्दे पर विचार चल रहा था, उसी समय तेज आंधी आ गई। जिससे वहां लगे टैंट-शामियाने उड़ गए और लोग भी तितर-बितर हो गए। इस बीच, कर्नल बैंसला ने कहा कि अच्छा लीडर वही होता है, जो सबको सुरक्षित रखे। वर्ष 2007-08 के जैसी गलतियां नहीं दोहराना चाहता। समाज इस समय एकजुट नहीं है। बैंसला ने भरोसा दिलाया कि समाज साथ रहे। आरक्षण वे ही लाकर देंगे। दरअसल, यह महापंचायत 21 मई से पहले आंदोलन का फैसला करने के लिए बुलाई गई थी। इससे पहले जब महापंचायत शुरू हुई तो जयपुर में सरकार से बातचीत करके लौटे प्रतिनिधि मंडल की रिपोर्ट रखने के साथ ही सरकार के प्रस्ताव की जानकारी देने की कोशिश की गई। लेकिन, सरकारी प्रस्ताव से युवा वर्ग संतुष्ट नहीं हुआ और आंदोलन की घोषणा करने का दबाव बनाने लगा। लेकिन, बैंसला ने कहा कि 23 मई को पीलूपुरा-कारबारी में शहीदों को श्रद्धांजलि देने कार्यक्रम में आएंगे। उस दिन सबसे बात करके फैसला करेंगे।
वहीं राज्य सरकार की ओर से गुर्जरों को जो जानकारी दी गई। उसके मुताबिक पिछड़ा वर्ग का वर्गीकरण करने के लिए रोहिणी आयोग 4 जून को अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को देगा। इसी दिन आयोग ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों को बुलाया है। राजस्थान भी इसमें अपना पक्ष रखेगा। इसके बाद केंद्र सरकार आयोग की रिपोर्ट पर जो भी फैसला लेगी, उसी के मुताबिक राजस्थान फैसला करेगा।
अड्डा गांव में मंच पर बैठे कर्नल बैसला व महापंचायत में मौजूद लोग।
दूसरा गुट पीलूपुरा में 21 को करेगा महापंचायत
रुदावल| इधर, गुर्जरों के दूसरे गुट ने मोरोली में सभा करके कर्नल बैसला के नेतृत्व वाली आरक्षण समिति का बहिष्कार करने और 23 मई को पीलूपुरा की श्रद्धांजलि सभा में शामिल नहीं होने का फैसला किया। दिल्ली के पूर्व विधायक रामवीर सिंह विधूड़ी के नेतृत्व में हुई पंचायत में आरक्षण का लड़ाई जारी रखने और 21 मई को बयाना में महापंचायत करने का फैसला किया गया। अखिल भारतीय गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में प्रवक्ता बचन सिंह रावत ने बयाना महापंचायत में आंदोलन की अगली रणनीति का खुलासा करने को कहा है। विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक विजेंद्र सिंह सूपा, वैर विधायक भजनलाल जाटव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरसिंह सूपा, बदरपुर पार्षद महेश अवाना थे। वक्ताओं ने कहा कि समाज के आरक्षण को लेकर कोई फूट नहीं है।