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परंपरागत जल स्रोत सूखे, चारे व पानी के अभाव में मर रहे हैं पशु

3 वर्ष पहले
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बायतु | एक तरफ सरकार गायों के उत्थान के लिये गौ शालाओं में लाखों रुपए दान करने की बात कर रही है। दूसरी तरफ बायतु क्षेत्र में चारे व पानी की कमी के कारण गायों की मौत हो रही है। भीषण गर्मी के कारण परंपरागत जलस्रोत सूख गए है। खेतों में दूर दूर तक चारा कहीं नजर नहीं आता है। गर्मी में भूख शांत करने के लिए दिन भर गायें इधर उधर भटकती नजर आ रही है। वहीं पानी नहीं मिलने के कारण मौत का शिकार हो रही है। बायतु उपखण्ड मुख्यालय सहित आस पास के गांवों में इन दिनों चारे पानी की किल्लत से पशुपालक चिंतित है। ग्रामीण क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष पशु चारा शिविर नहीं खोलने से बेसहारा पशु काल के ग्रास बन रहे है। सरकार द्वारा पशुओं के लिए चारे पानी की सुविधा के लिए पशु शिविर नहीं खोलने से पशुपालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पशुपालकों ने हर ग्राम पंचायत स्तर पर पशु चारा शिविर खुलवाने की मांग की है।

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