ब्यास का पानी दूषित होने और जीवों के मारे जाने के बावजूद सरकार ने मामले में चुप्पी साध रखी है। हालांकि खुद सीएम कैप्टन वाइल्ड लाइफ बोर्ड के चेयरमैन हैं और मंत्रालय भी उनके पास ही है। इसके बावजूद अभी तक कैप्टन का कोई बयान नहीं आया। इससे जहां विभाग के अफसर हैरान हैं, वहीं यह संदेश जा रहा है कि कैप्टन मामले में गंभीर नहीं हैं।