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कैसा है हमारा एके अस्पताल, निरीक्षण के बाद होगा तय

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज| ब्यावर

एकेएच में क्वालिटी बेस्ट क्या सुविधाएं है कितनी सुविधाएं है और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं के साथ ही रख रखाव और किए गए कार्य की एंट्री हो रही है कि नहीं और स्वच्छता को लेकर क्या किया जा रहा हैै इन सबका असेसमेंट करने के लिए 17 अप्रेल तक अजमेर से ज्वाइंट डाइरेक्टर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ब्यावर राजकीय अमृतकौर अस्पताल का निरीक्षण करने ब्यावर आएगी। ये टीम अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग और मदर चाइल्ड विंग के साथ ही लैब और ओटी का भी निरीक्षण करेगी। टीम 500 बिंदुओं पर एके अस्पताल की सुविधाओं, व्यवस्थाओं और कामों को परखेगी। जिसके बाद मार्किंग की जाएगी। सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने के मकसद से केंद्र सरकार द्वारा क्वालिटी एश्योरेंस योजना शुरू की गई। योजना के तहत विभिन्न स्तरों पर अस्पतालों की सुविधाअों को परखा जाता है। इसी क्रम में तीन सदस्यीय टीम ब्यावर पहुंचेगी। ये टीम ये टीम एके अस्पताल में ओपीडी, आईपीडी, बायोमेडिकल वेस्ट डिस्पोजल, डॉक्टर्स चैंबर्स, लेबोरेटरी, विभिन्न वार्ड आदि का निरीक्षण करेगी।

नकद इनाम भी मिलेगा, जेडी की तीन सदस्यीय टीम करेगी अस्पताल का निरीक्षण, स्वच्छता और रखरखाव के आधार पर देगी नंबर, अस्पताल की बिल्डिंग करीब 66 साल पुरानी और बिल्डिंग व रखरखाव के है 15 प्रतिशत अंक
रिसती दीवारें टपकती छत
ज्ञात रहे कि कायाकल्प योजना के तहत 15 प्रतिशत अंक अस्पताल की बिल्डिंग और उसके रखरखाव के लिए दिए जाते हैं। ब्यावर के राजकीय अमृतकौर अस्पताल की बिल्डिंग करीब 66 साल पुरानी है। पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर होने के कारण निरीक्षण के दौरान एकेएच अस्पताल यहीं सबसे ज्यादा पिछड़ता है। स्थिति ये है कि पूरे प्रदेश के मुकाबले ब्यावर में काफी कम बारिश होने के बावजूद सालों पुरानी इस बिल्डिंग में करीब करीब हर वार्ड और आउटडोर की छत से बारिश का पानी टपकता है। जिस कारण इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर एकेएच पिछड़ सकता है।

अस्पताल में लंबे अर्से स्टॉफ और डॉक्टरों की कमी के साथ ही राजनैतिक अनदेखी का शिकार हो रहा है। आधे डॉक्टरों के पद रिक्त होने के बावजूद यहां का स्टॉफ बेहतर परिणाम देने के मामले में अन्य अस्पतालों से आगे रहा है। राजनीति का अखाड़ा बनते जा रहे अस्पताल ने कायाकल्प और क्वालिटी एश्योरेंस योजना में लगातार तीन बार प्रदेश में पहले तीन स्थानों में जगह बनाई है। सफाई, पेयजल मेडिकल वेस्ट के निस्तारण, मूलभूत सुविधाओं समेत अन्य सभी व्यवस्थाओं को देखा जाएगा।

ये है स्वच्छता शुद्धि योजना
योजना मुख्य रूप से स्वास्थ्य केंद्रों में सफाई समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं पर दिए जाएगा। इसके तहत प्रदेश में बेहतरीन जिला स्तरीय चिकित्सालय को अवार्ड दिए जाएंगे। अवार्ड के तहत प्रथम आने वाले अस्पताल को 50 लाख, द्वितीय अस्पताल को 20 लाख रुपए के नगद पुरस्कार समेत प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों या उपजिला अस्पताल स्तर के प्रथम दो अस्पतालाें को 20 अौर 15 लाख रुपए के पुरस्कार समेत प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसके साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 2 लाख रुपए के पुरस्कार दिया जाएगा। साथ ही 70 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले स्वास्थ्य केंद्रों को अलग से भी पुरस्कृत किया जाएगा।

इन मापदंडों पर होगा चयन
अवार्ड के लिए अस्पतालों का चयन निर्धारित मापदंडों में मिले स्कोर के आधार पर होगा। इसमें सफाई, हाइजीन, इंफेक्शन कंट्रोल, समुदाय की सहभागिता आदि को शामिल किया गया है। अवार्ड के लिए अस्पतालों का चयन तीन चरण में होने वाले निरीक्षण के आधार पर किया जाएगा।

इनका कहना है
अगले कुछ दिनों में टीम आ सकती है। हालांकि ये नहीं बताया गया है कि टीम में कौन आएगा। टीम स्टेट लेवल की भी आ सकती है और जोनल लेवल की भी। टीम अस्पताल का निरीक्षण करेगी और अंक देगी। डॉ. एमके जैन, पीएमओ, एकेएच ब्यावर

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