ब्यावर| अजमेर गेट स्थित रामद्वारे में आयोजित धर्मसभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संत उत्तम राम महाराज ने कहा कि भगवान का कहना है कि एक बार उनकी शरण स्वीकार करने की जरूरत है, फिर सारी जिम्मेदारी मेरी है। भगवान ने गीता के उपदेश में अर्जुन को समझाया किंतु एक बार मन से मेरी बात मान ले फिर तेरे मोक्ष की गारंटी देता हूं। प्रभु की आज्ञा मानकर अर्जुन ने उनकी शरणागति स्वीकार कर ली तो उसका मोक्ष हो गया। अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के संत उत्तम राम महाराज दिल्ली वालों ने सारगर्भित उद्बोधन देते हुए प्रभु की शरणागति का महत्व प्रतिपादित किया। मीडिया प्रभारी रामप्रसाद मित्तल ने कहा कि संत केवलराम ने हरिनाम संकीर्तन करवाया। कथा के पश्चात आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया।