पंखा गिरा, प्रसूता बाल-बाल बची
राजकीय अमृतकौर अस्पताल की मदर चाइल्ड विंग के गायनिक वार्ड में बुधवार को छत के पंखे में अचानक आग लग गई। आग के बाद पंखा टूटकर पलंग पर गिर गया। गनीमत रही कि समय रहते पलंग पर सो रही प्रसूता अपने दो दिन के बच्चे को लेकर पलंग से नीचे उतर गई जिससे दोनों की जान बच गई। जानकारी के अनुसार गायनिक वार्ड के पलंग संख्या 20 के उपर छत पर लगे पंखे में बुधवार को अचानक शार्ट शर्किट के बाद आग लग गई। पलंग पर अपने दो दिन के शिशु के साथ सो रही प्रसूता ठीकराना मेहन्द्रातान निवासी सुमन देवी खतरे को भांपते हुए अपने बच्चे को लेकर पलंग से नीचे उतर गई।
प्रसूता के पलंग से नीचे उतरते ही पंखा पलंग पर आ गिरा। वार्ड में भर्ती अन्य प्रसूताओं में अफरातफरी मच गई। घटना की जानकारी के बाद नर्सिंगकर्मियों ने जले हुए पंखे को पलंग से हटवाया।
फेल रहा एंटी फायर सिस्टम
मदर चाइल्ड़ विंग में आग लगने के घटना के दौरान बजने वाला साइरन बजा ही नहीं। जिसके चलते सुरक्षाकर्मियों को इसकी जानकारी नहीं लगी। मालूम हो कि विंग के निर्माण के दौरान आपात स्थिति में विंग में किसी कारण से आग लग जाने की स्थिति में साइरन बजने का सिस्टम लगाया गया है लेकिन बुधवार को सिस्टम पूरी तरह से फेल रहा।
कैसे मिली एनओसी
गौरतलब है कि मदर चाइल्ड विंग में गायनिक विंग को शिफ्ट करने से पूर्व फायर विभाग द्वारा अस्पताल में निरीक्षण कर जांच के बाद फायर एनअोसी जारी की। लेकिन सवाल ये उठता है कि जब एंटी फायर सिस्टम और सायरन ही काम नहीं कर रहा है तो ऐसे में एनओसी कैसे जारी कर दी गई।