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बेटे की शादी का कर्

3 वर्ष पहले
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बेटे की शादी का कर्ज चुकाने को जमीन गिरवी रखने से रोका तो अधेड़ ने रात को सो रहे छोटे भाई की सिर में दो गोली मारकर हत्या की, फरार


बेटे की शादी का कर्ज चुकाने के लिए सामलाती जमीन को गिरवी रखने से रोकना एक अधेड़ को इतना नागवार गुजरा कि उसने रात को गहरी नींद में सो रहे अपने छोटे भाई के सिर में दो गोलियां मारकर हत्या कर दी और फरार हो गया। क्षेत्र के स्वरूपजी की खेड़ी में सोमवार रात यह घटना हुई। सुबह जब छोटा भाई देर तक नहीं जगा तो दूसरा भाई उसे जगाने पहुंचा, जिसे खून से लथपथ शव मिला। बाद में इन चार भाइयों में से एक ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस प्रकरण दर्ज कर जांच की है।

बेगूं थानांतर्गत रायता ग्राम पंचायत के स्वरूपजी की खेड़ी निवासी 42 वर्षीय नारायणसिंह पुत्र मनोहर सिंह सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे खाना खाने के बाद मकान के एक हिस्से में लगी बंद आटाचक्की के बाहर खाट लगाकर सो गया। सुबह समय पर नहीं उठा तो दूसरा भाई गोपालसिंह जगाने गया। खाट सहित नारायणसिंह का शरीर खून से लथपथ था। यह देख सकते में आए गोपाल ने पुलिस को सूचना दी। थानाधिकारी डीपी दाधीच मय जाब्ता मौके पर पहुंचे।

शव को बेगूं सीएचसी लाया गया। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। पुलिस ने एफएसएल टीम को भी बुलाकर मौके की गहन जांच करवाई। नारायण सिंह के सिर के पीछे दो-तीन गोलियां लगी थीं। मृतक के बड़े भाई गोपाल सिंह ने भाई शोभागसिंह पर हत्या करने का शक जताते हुए पुलिस में मामला दर्ज कराया। पुलिस के अनुसार गोपाल सिंह की रिपोर्ट पर शोभागसिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। एफएसएल टीम ने भी घटना स्थल से सैंपल लिए। आरोपी भाई शोभागसिंह रात से ही घर से फरार है। जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।

जमीन गिरवी रखने की बात पर भाइयों में झगड़ा भी हुआ था, इसलिए भाई पर ही भाई की हत्या का शक

बीस दिन पहले हुई थी आरोपी के बेटे की शादी... मृतक नारायणसिंह हलवाई का कार्य करता था। उसके तीन बड़े भाई क्रमश: भवानी सिंह, गोपालसिंह, शोभाग सिंह हैं। परिवार के अनुसार लगभग 20 दिन पहले शोभाग सिंह के बेटे की शादी हुई। शादी का कर्जा चुकाने के लिए वह संयुक्त खातेदारी की जमीन को किसी रामेश्वर धाकड़ के पास गिरवी रखना चाहता था। यह बात उसने भाइयों के सामने रखी तो नारायण सिंह ने मना कर दिया। इस बात को लेकर चार पांच दिन पहले भी भाइयों में झगड़ा हुआ था। शोभागसिंह रात से घर से फरार भी है।

अकेला था नारायण, एक भाई के पास रहता था ... मृतक नारायणसिंह चारों भाइयों में सबसे छोटा था। उसके कोई बच्चे नहीं हैं। अनबन के कारण प|ी भी छोड़कर पीहर चली गई। लंबे समय से अकेला होने से नारायणसिंह एक बड़े भाई गोपालसिंह के साथ रहता था। बाकी दोनों भाइयों के गांव में ही अलग-अलग मकान हैं।

एकांत में सो रहा था, तभी सिर में उतार दी गोलियां... पुलिस के अनुसार नारायणसिंह की सिर में दो-तीन गोलियां लगने से मौत हुई। हालांकि मौैके से कुछ बरामद नहीं हुआ। बताया गया कि नारायणसिंह आटा चक्की के बाहर जिस जगह खाट लगाकर सो रहा था, वो जगह थोड़ी एकांत में भी है। आसपास कोई और व्यक्ति नहीं सो रहा था। संभवतया इसी कारण किसी को गोली चलने की आवाज नहीं आई। जब सुबह भाई उठाने गया तभी वारदात का पता चला।

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