दहेज हत्या के आरोपी को दस साल का कारावास
बेगमगंज|बेरखेड़ी गांव में एक दहेज हत्या के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद रघुवंशी ने आरोपी पति वकील खां को दहेज हत्या का दोषी मानकर 10 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित कर जेल भेजा, जबकि शेष 3 आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया। शासन की ओर से पैरवी करने वाले लोक अभियोजक बद्रीविशाल गुप्ता ने बताया कि बेरखेड़ी गांव से 29 जनवरी 2010 को नजाम बी अचानक अपने घर से गायब हो गई थी। 30 जनवरी 2010 को उसका शव घर के पीछे बने कुआं में मिला। बेगमगंज पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच की, जिसमें मृतका के पति वकील खां सहित रईस खां, हकीम खां और सास सगीरा बी को धारा 302 व दहेज अधिनियम की धारा 4 का प्रकरण बनाकर आरोपी बनाया था।
न्यायालय में नजाम बी की मां आमना, पिता जुम्मन, मुन्नी बाई, बलदार खां, डाॅ. जेपी पटेल, टीआई उपेंद्र दीक्षित, डीएसपी संजय वोरकर व अन्य के साक्ष्य कराए गए। इस आधार पर मृतका नजमा बी की मृत्यु दम घुटने व जहरीले पदार्थ के सेवन से होना पाई गई। प्रकरण में अभियुक्त पति वकील खां द्वारा मृतका से दहेज में 50 हजार रुपए मांगने व उसके साथ मारपीट कर परेशान करने की बात सामने आई। शादी के 9 माह के भीतर ही उसकी मृत्यु असामान्य परिस्थितियों में होना पाया गया। दहेज हत्या का अपराध मानकर न्यायालय ने आरोपी वकील खां को धारा 304 में दस वर्ष के कठोर कारावास और दहेज हत्या अधिनियम में 1 वर्ष का कारावास व एक हजार रुपए के जुर्माना की सजा सुनाई। शेष आरोपियों को दोषी न पाकर बरी कर दिया।