एचआईवी पॉजिटिव को नहीं मिल रही थी 15 दिनों से दवा शिकायत की जांच करने पहुंचे सीएस ने 7 का वेतन रोका
भास्कर टीम| बेगूसराय/मंसूरचक/भगवानपुर|
15 दिनों से सदर अस्पताल में भर्ती एक दस वर्षीय एचआईवी ग्रस्त बच्ची के इलाज में लापरवाही की शिकायत पर सीएस डॉ. हरिनारायण सिंह ने मंगलवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डॉ. शशि कुमार, डॉ. मृत्युंजय कुमार, लैब टेक्नीशियन शंभू दास, परामर्शी जयकुमार सिंह, रणवीर कुमार व अभिनव वत्सल एवं डाटा ऑपरेटर आशीष पाठक का वेतन काटने का आदेश दिया। औचक निरीक्षण की जानकारी मिलते ही डॉ. शशि कुमार 11.50 मिनट पर सदर अस्पताल पहुंचे। जिसे सीएस ने टाइम डालकर हाजरी बनाने का आदेश दिया।
कैसे सीएस आए हरकत में
सदर अस्पताल के बच्चा वार्ड में एचआईवी पीड़ित 10 वर्षीय बच्ची 15 दिनों से भर्ती है, जिसके इलाज के दौरान परिजनो को बाहर से काफी दवा खरीदनी परी है। जिसकी शिकायत परिजनों ने पत्रकारों से की तो मामला सीएस तक पहुंचा। जिसके बाद सीएस डॉ. सिंह हरकत में आए। और एड्स विभाग का 11.30 में औचक निरीक्षण किया तो दो चिकित्सक सहित सात कर्मी फरार दिखे।
डीएम ने निरीक्षण के दौरान कार्यालय को व्यवस्थित व साफ-सुथरा रखने का दिया निर्देश
भगवानपुर| डीएम राहुल कुमार द्वारा मंगलवार को भगवानपुर प्रखंड का औचक निरीक्षण किया गया। उन्होंने प्रखंड, अंचल व आरटीपीएस कार्यालय का निरीक्षण कर बीडीओ व सीओ को आवश्यक निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने आरटीपीएस काउंटर का गहन निरीक्षण किया व वहां कार्यरत कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिया। साथ ही वहां खड़े लोगों से पूछताछ किया। इस दौरान दामोदरपुर के श्रीलाल तांती ने कहा कि 4 साल से वे प्रखंड कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं पर वृद्धावस्था पेंशन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। डीएम ने पेंशनभोगियों को अविलंब पेंशन भुगतान करने का निर्देश बीडीओ को दिया। साथ ही शौचालय निर्माण का लक्ष्य पूरा करने, कार्यालय को व्यवस्थित रखने व कार्यालय तथा परिसर को साफ-सुथरा रखने का निर्देश दिया। डीएम ने आरटीपीएस कार्यालय कर्मियों को संचिकाओं को व्यवस्थित रखने का निर्देश दिया। डीएम करीब 20 मिनट के बाद प्रस्थान कर गए। मौके पर बीडीओ अजय कुमार, सीओ अशोक कुमार आदि उपस्थित थे।
दो डॉक्टर नहीं थे: सीएस
औचक निरीक्षण के उपरांत सीएस डॉ. सिंह ने कहा कि एआरटी एवं आईसीटीसी यानि एड्स विभाग से संबंधित शिकायत मिलने पर 11.30 में औचक निरीक्षण किया गया है। जिसमें दो चिकित्सक सहित सात स्वास्थ्य कर्मियों को अनुपस्थित पाया गया है। जिसके बाद तत्काल प्रभाव से वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई है। साथ ही स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी होते रहेगें। साथ ही अब सभी विभाग का 10.30 में उपस्थिति पंजी को सीएस कार्यालय में मंगा लिया जाएगा।
मनरेगा पीओ को कहा-
योजनाओं की निगरानी ठीक से करें, पौधरोपण कागज पर नहीं जमीन पर करें
सिटी रिपोर्टर| मंसूरचक
बेगूसराय डीएम राहुल कुमार ने मंगलवार को मंसूरचक प्रखंड मुख्यालय स्थित सभी कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। डीएम करीब 12 बजकर 10 मिनट पर प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और गाड़ी से उतरते ही सबसे पहले बीडीओ के ऑफिस में प्रवेश किया, जहां पहले से ही ग्रामीण आवास सहायक व पंचायत सचिवों की समीक्षात्मक बैठक बीडीओ की अध्यक्षता में चल रही थी। उन्होंने वहां उपस्थित आवास सहायकों से आवास योजना में प्रगति लक्ष्य से संबंधित सवाल पूछा। फिर टेबल पर रखे रिपोर्ट को पढ़कर गोविंदपुर दो पंचायत के आवास सहायक मो. दिलावर द्वारा शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति की सराहना की और उन्हें शाबाशी भी दी। डीएम ने अच्छे कार्य करने वाले गोविंदपुर दो, बहरामपुर व मंसूरचक पंचायत के आवास सहायकों को छोड़कर शेष पांच पंचायत के सहायकों का काम संतोषजनक नहीं देखकर बीडीओ से कहा कि इनलोगों से स्पष्टीकरण पूछिए कि क्यों न इनकी सेवा समाप्त की जाए।
इसके आगे कौन सा जिला है
इस बीच चलते-चलते सीओ से पूछा कि मंसूरचक तो जिले की सीमा पर है तो इसके बाद कौन सा जिला है। सीओ ने कहा सर दो किलोमीटर बाद समस्तीपुर जिला शुरू होता है।
जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण में आवास सहायकों को लगी फटकार
कृषि पदाधिकारी से जाना मक्के की फसल खराब का आंकड़ा
डीएम ई किसान भवन पहुंचे और कृषि पदाधिकारी से पूछा कि आपके यहां कितने एकड़ में मक्के की फसल खराब हुई। जवाब मिला 161 एकड़, फिर उन्होंने पूछा कि ये आंकड़ा तो किसानों के आवेदन के आधार पर आप बता रहें पर जिन किसानों की फसल खराब हुई और उसने आवेदन नहीं दिया उसको कैसे चिन्हित करेंगे, इस सवाल पर कृषि पदाधिकारी सकपका गए। लोहे की पाइप किसान भवन के बाथरूम में फर्श पर रखा देख डीएम नाराज हो गए और कहा कि इसे अविलंब हटाएं और अंदर पसरी गंदगी को भी साफ सुथरा रखें।
किताब को जमीन पर देख जताई नाराजगी
सीडीपीओ ऑफिस से सटे हॉल में फर्श पर रखे किताब देखकर उन्होंने कहा कि आलमीरा या ट्रंक खरीद कर उसमें रखें। उसके बाद वे अंचल कार्यालय में पहुंच कर सीओ धीरज कुमार व अन्य कर्मचारियों से मिले। बीआरसी में प्रवेश कर वहां मौजूद बीआरपी अनिल पासवान से पूछा कि बीईओ कहां हैं तब उन्हें बताया गया कि वे भगवानपुर के प्रभार में भी हैं इसलिए यहां तीन दिन ही आते हैं। प्रखंड परिसर में बने मंदिर के चबूतरे पर कुछ लोगों को बैठा देख वहां पहुंचे और सभी से पूछा कि आपलोग यहां क्या कर रहे हैं, एक दो लोग तो भयभीत होकर चुपके निकल गए, एक व्यक्ति ने बताया कि अंचल कार्यालय में काम है। डीएम ने बीडीओ व सीओ को निर्देश दिया कि परिसर में बिना काम के एक भी लोग नहीं रहने चाहिए।
आवास सहायक से स्पष्टीकरण पूछने का दिया निर्देश
डीएम ने कार्यालय प्रधान सहायक योगेंद्र पासवान से उपस्थिति पंजी मांगी, पंजी में साठा पंचायत के आवास सहायक सौरभ कुमार को अनुपस्थित देख इसका कारण पूछा और सोमवार व मंगलवार की उपस्थिति बाक्स को अपने से काट कर स्पस्टीकरण पूछने का निर्देश दिया। फिर डीएम प्रखंड नाजीर कक्ष होते हुए आरटीपीएस कांउटर पर पहुंचे। उपस्थित कर्मियों से पूछताछ कर मनरेगा ऑफिस में पहुंच कर पीओ संजय कुमार सिन्हा से पूछा कि मनरेगा में अभी क्या काम हो रहा है, क्या पशु शेड बन रहा है, ग्रामीण हाट बन रहे हैं या नहीं।