बैराड़| नगर परिषद बैराड़ के राम जानकी मंदिर एवं ठाकुर बाबा मंदिर पर चल रहे भागवत मूल पाठ एवं संगीतमय श्रीमद भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ के दूसरे दिन कथा आचार्य ने धुंधकारी अजामिल एवं राजा जड़भरत की कथा सुनाई। कथा व्यास आचार्य पंडित लोकेंद्र शास्त्री, बंटी महाराज द्वारा उपस्थित श्रोताओं को बताया कि भागवत कथा एक कल्पवृक्ष के समान है, जिसकी शरण में जाने पर मनुष्य सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है। भगवान का नाम इस संसार रूपी नैया को पार करने के लिए बहुत आवश्यक है। अजामिल, धुंधकारी जैसे लोग केवल भगवान के नाम से ही संसार से पार होकर भगवान की शरण में चले गए, अतः मनुष्य को अपने जीवन में रोज भगवान का नाम एवं भगवान की पूजा करना अत्यंत आवश्यक है इसी से मोक्ष प्राप्त होता है।
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