चौधरी दौलतराम कादयान ने छीनी थीं शाही सेना की तोपें
चौधरी दौलतराम कादयान ने छीनी थीं शाही सेना की तोपें
संगोष्ठी के संयोजक डाॅ. दयानन्द कादयान ने कहा कि बेरी इलाके के रणबांकुरे चौधरी दौलतराम कादयान ने शाही सेना की तोपें छीन ली थी। झज्जर रोहतक के बीच में घेर लिया था। हालांकि अंग्रेजों के दोबारा कमान संभालने पर उन्हें दिल्ली के चांदनी चौक में फांसी दी गई। यहां फर्रुखनगर, झज्जर और बहादुरगढ़ की रियासतों को तोड़कर एक जनवरी 1858 दिल्ली रेगुलेशन व्यवस्था को हटाकर पंजाब की रियासतों के साथ जोड़ दिया। स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों को नाके चबाने की सजा इस इलाके साथ सौतेला व्यवहार करके दी गई। शिक्षाविद मास्टर जयभगवान ने कहा कि नवाब अब्दुर्रहमान के साथ स्यालू सिंह, लाला बस्तीराम को भी फांसी दी गई थी।