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327 किसानों ने बेचा केवल 260 क्विं. धान, फिर भी क्लेम नहीं मिला

3 वर्ष पहले
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बीमा कंपनी के गड़बड़झाले से जिले के किसान परेशान हैं। सूखाग्रस्त जिले के ग्राम मुरता, रमपुरा, जैतपुरी व खटई के एक भी किसान का नाम बीमा क्लेम की सूची में नहीं है। ऐसे में यहां के किसानों में नाराजगी है। मुरता के किसानों के अनुसार बीते सत्र की तुलना में इस बार सिर्फ 8 प्रतिशत धान की खरीदी हुई है।

रमपुरा, खटई व जैतपुरी के 138 किसानों के नाम भी प्रभावित किसानों की सूची में शामिल नहीं है। योजना के तहत 94,241 किसानों ने धान फसल का बीमा कराया। यहां बीमा कंपनी की ओर से जिले के 66,626 किसानों को 149.69 करोड़ बीमा क्लेम देना निर्धारित किया गया है। जिले में 73 हजार 465 ऋणी एवं 6 हजार 399 अऋणी (जिला सहकारी बैंक) किसान हैं।

फरी के किसान कमलेश को सबसे कम 71 रुपए बीमा क्लेम ही मिला: बीजाभाट समिति अंतर्गत इस सत्र में 2023 किसानों ने धान बेचा। इसमें सबसे कम 71 रुपए फरी के किसान कमलेश को बीमा क्लेम मिला है। समिति के किसान किशोर को 143, डोमन 134, जोगीराम 134, धनीराम 150, गंगाराम 134, छबिलाल 180, मंशाराम 185, मोहरदास 164, कुंवरसिंग 172, हिरालाल 193, प्रेम का 164 रुपए बीमा क्लेम तय हुआ है। इससे गड़बड़ी सामने आ रही है।

बेमेतरा जिले के 27 हजार किसान बीमा क्लेम से वंचित 66,626 किसानों को मिलेगा 149.69 करोड़ बीमा क्लेम

बेमेतरा. बीमा क्लेम से वंचित मुरता के किसान।

22 सिंचित किसानों का सूची में नाम शामिल नहीं

बीजाभाट समिति अंतर्गत बसनी के 56 किसानों ने फसल बीमा कराया था। इसमें 34 किसान ने असिंचित धान एवं 22 किसानों ने सिंचित धान का बीमा करवाया। यहां किसानों ने 1 लाख 9 हजार 859 रुपए प्रीमियम शुल्क जमा किया था। इसमें बसनी के सभी 22 सिंचित किसानों को बीमा क्लेम से वंचित रखा गया है। इस पर किसानों ने सवाल खड़े करते हुए शिकायत करने की बात कही है।

फसल कटाई प्रयोग की रिपोर्ट से तय होता है बीमा क्लेम

बीमा क्लेम फसल कटाई प्रयोग की रिपोर्ट के आधार पर तय होता है। इसके लिए 4 सदस्यीय दल जिसमें बीमा कंपनी का प्रतिनिधि, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, किसान एवं पटवारी शामिल होता है। ग्रामवार रिपोर्ट तैयार करने के लिए 8 फसल कटाई प्रयोग किया जाता है। जिसमें हर गांव में 4 सिंचित व 4 असिंचित किसानों के खेतों में फसल कटाई प्रयोग का रिपोर्ट तैयार की जाती है।

जिले के 27 हजार किसान बीमा क्लेम से वंचित

जिले के 94 हजार 241 में से 66 हजार 226 किसानों को 149.69 लाख रुपए बीमा क्लेम देना तय हुआ है। जिले के 27 हजार से अधिक किसान बीमा क्लेम से वंचित हो जाएंगे। जबकि पूरे जिले को जिसमें तहसील बेमेतरा, नवागढ़, बेरला, साजा व थानखम्हरिया को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था। बावजूद हजारों किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिल रहा है। इससे किसानों में नाराजगी देखी जा रही है।

8 फीसदी धान की खरीदी बावजूद बीमा क्लेम नहीं

मुरता समिति प्रबंधक रामप्रकाश साहू ने बताया कि समिति अंतर्गत 10 में से 9 गांवों के किसानों को बीमा क्लेम दिया जा रहा है। मुरता के 327 में से एक भी किसान का नाम लाभान्वित की सूची में शामिल नहीं है। प्रबंधक के अनुसार खरीफ सत्र 2016-17 में मुरता के किसानों से 3108.40 क्विं. धान खरीदा गया था, लेकिन इस सत्र में सिर्फ 8 प्रतिशत 261.60 क्विंटल धान की खरीदी हुई है। मुरता गांव की अनावरी रिपोर्ट 35 पैसा से कम है। यहां 327 बीमित किसानों ने 2 लाख 91 हजार 608 रुपए प्रीमियम शुल्क पटाया है। वहीं गांव के किसानों का नाम सूखा राहत प्रभावितों की सूची में शामिल है। प्रबंधक ने बताया कि इसकी जानकारी नोडल अधिकारी, कलेक्टर, बीमा कंपनी एवं कृषि विभाग को दी गई है।

प्रीमियम राशि व शुल्क प्रति हे.

फसल प्रीमियम राशि प्रीमियम शुल्क

सोयाबीन 29,500 590 रुपए

असिंचित धान 28,500 570 रुपए

सिंचित धान 40,000 800 रुपए

155 करोड़ क्लेम की संभावना

इस संबंध में बीमा कंपनी के अधिकारी से बात हुई है। उन्होंने वंचित 10-12 पंचायतों का बीमा क्लेम निर्धारित कर सूची भेजने की बात कही है। ऐसे में बीमा क्लेम करीब 155 करोड़ पहुंचने की संभावना है। पूरे प्रदेश में सबसे अधिक बीमा क्लेम जिले के किसानों को दिया जा रहा है। राजकुमार सोलंकी, एसडीओ, कृषि विभाग

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