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12 करोड़ रु. के एडवांस भुगतान के बाद भी पोषण आहार की सप्लाई ठप, मरीज परेशान

3 वर्ष पहले
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दस महीने पहले क्षय रोग के मरीजों के लिए शुरू की गई पोषण आहार योजना के तहत सिर्फ एक बार फूड पैकेट का सप्लाई की गई है। जिला क्षय नियंत्रण केन्द्र की ओर से कई बार डिमांड नोट भेजे जाने के बावजूद, सप्लाई नही होने से टीवी के मरीज योजना के लाभ से वंचित है।

एमडी सीजीएमएससी वी रामाराव के अनुसार स्टेट की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने पोषण आहार पैकेटों की सप्लाई कलेक्टर के माध्यम से करने के निर्देश दिए थे। इस संबंध में हेल्थ डायरेक्टर से प्राप्त राशि को उनके निर्देशानुसार कलेक्टर अथवा शासन को वापस भेजा जाएगा। गौरतलब हो कि प्रदेश के अस्पतालों की डिमांड दो लाख के विरूद्ध सिर्फ 50 हजार फूड पैकेट की सप्लाई की गई थी। यहां फूड पैकेटों की गुणवत्ता में शिकायत आने के बाद इनकी सप्लाई पर रोक लगा दी गई।

राज्य स्वास्थ्य विभाग एवं अधिकृत एजेंसी मामला एक दूसरे पर डालकर पल्ला झाड़ने में लगे हुए है। हेल्थ डारेक्टर रानू साहू के अनुसार सीजीएमएससी को फूड पैकेटो की सप्लाई के लिए 12 करोड़ का एडवांस भुगतान किया गया है। वहीं सीजीएमएससी प्रबंधन के अनुसार दो बार टेंडर निरस्त होने के कारण सप्लाई नहीं की जा सकी है। इसकी वजह से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।

अब कलेक्टरों के माध्यम से होगी खरीदी

दस माह में सिर्फ एक बार पैकेट भेजा गया

क्षय रोग के मरीजो के स्वास्थ्य लाभ के लिए राज्य सरकार ने जुलाई 2017 में इस योजना को लाॅन्च किया था। बताना होगा कि पोषण आहार का पैकेट प्रत्येक माह मरीज को बांटा जाना है। लेकिन सीजीएमएससी से 10 माह के भीतर जिले को केवल एक बार पैकेट सप्लाई किया गया है।

पूरे प्रदेश में यही स्थिति, हेल्थ डायरेक्टर को कराया अवगत

फुड पैकेट में एक किलो खाद्य तेल, डेढ़ किलो मूंगफल्ली एवं एक किलो प्रोटीन आहार होता है। क्षय रोग नियंत्रण स्टेट नोडल अधिकारी डाॅ. देषपांडे ने बताया कि पूरे प्रदेश में यही स्थिति है। हेल्थ डायरेक्टर रानू साहू को पत्र लिखकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है।

हर साल बढ़ रहे मरीज, 2017 में मिले 700 मरीज

जिले में हर साल क्षय रोग के मरीज बढ़ रहे है। वर्ष 2014 में 537 मरीज, वर्ष 2015 में 678 मरीज, वर्ष 2016 में 680 एवं वर्ष 2017 में 700 मरीज मिले। तमाम स्वास्थ्य सुविधा व जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद क्षय रोग के मरीजों की संख्या कम होने के बजाए बढ़ती जा रही है। इसे लेकर संबंधित अमले द्वारा गंभीरता नहीं बरती जा रही है।

बेमेतरा.पोषण आहार का पैकेज मरीजों को देना है।

जिले में 1166 फूड पैकेटों की हुई सप्लाई, एक बार ही बंटा

जिला औषधि भंडार प्रभारी मोहित ने बताया कि योजना की शुरुआत में सीजीएमएससी से 1166 फूड पैकेटों की सप्लाई जुलाई में की गई थी। इसमें बेमेतरा ब्लाॅक में 293, बेरला ब्लाॅक में 216, नवागढ़ ब्लाॅक में 213 एवं साजा ब्लाॅक में 444 फूड पैकेट भेजे गए थे। मरीजों को एक बार पैकेट बांटा गया।

क्षय रोग के सबसे अधिक मरीज साजा ब्लाॅक में

बीते चार साल के क्षय रोग के मरीजों के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो साजा ब्लाॅक में सबसे अधिक मरीज मिले है। वर्ष 2014 से लेकर 2017 तक साजा ब्लाॅक में क्षय रोग के 966 मरीज मिले। इसी प्रकार बेरला ब्लाॅक में चार साल में 561, नवागढ़ ब्लाॅक में 499 एवं बेमेतरा ब्लाॅक में 655 मरीज मिले। इसके बावजूद गंभीरता नहीं बरत रहे।

10 माह में एक बार सप्लाई

योजना के अंतर्गत अधिकृत एजेंसी से 10 माह में केवल एक बार फूड पैकेट सप्लाई की गई है। कई बार डिमांड नोट भेजे जाने के बावजूद सप्लाई रूकी हुई है। डाॅ. एके वर्मा, जिला नोडल अधिकारी, क्षय रोग नियंत्रण

फंड को वापस किया जाएगा

ठेका प्राप्त एजेंसी का पंजीयन नहीं होने एवं गुणवत्ताहीन मूंगफल्ली की सप्लाई के कारण पहली खेप जारी होने के बाद आवंटन पर रोक लगा दी गई थी। समीक्षा बैठक में मंत्री ने फूड पैकेटों की सप्लाई जिला कलेक्टर के माध्यम से होने के निर्देश दिए थे। इसके लिए प्राप्त फंड को वापस किया जाएगा। वी रामाराव, एमडी, सीजीएमएससी

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