पूजा कर पति के दीर्घायु होने का मांगा आशीर्वाद
मंगलवार को सुहागिनों ने विधि विधान से वट वृक्ष के नीचे वट सावित्री पूजन किया। शहर के संतोषी मंदिर, सिंघौरी, ब्राम्हण पारा, पिकरी, कोबिया, बाजार पारा सहित अन्य स्थानों पर वट वृक्ष के नीचे सुहागिने अपने सुहाग के दीर्घायु होने की कामना को लेकर पूजा अर्चना की।
मंगलवार के दिन व्रत रखकर सुहागिनें सोलह श्रृंगार कर वट वृक्ष के नीचे पहुंचकर मनोकामना पूर्ति के लिए कच्चा धागा लपेटते हुए परिक्रमा की। इस मौके पर व्रती सुहागिनों ने सावित्री सत्यवान की अमर कथा भी सुनी। आचार्य कमलेश शर्मा ने बताया कि 10ः54 बजे से सर्वार्थ सिद्धि योग में वट सावित्री पूजन अतिशुभ और फलप्रद होगा। पुरुषोत्तम मास की प्रतिपदा के साथ इस वर्ष मंगलवार को मनाए गए वट सावित्री का पूजन शुभ संयोग के साथ है।
सुहागिनें पूरी तैयारी के साथ पूजा के लिए वट वृक्ष के पास पहुंची: शहर में महिलाएं सुबह स्नान करके दुल्हन की तरह सजकर एक थाली में प्रसाद गुड़, भीगे हुए चने, आटे से बनी हुई मिठाई, कुमकुम, रोली, मोली, 5 प्रकार के फल, पान का पत्ता, धुप, घी का दीया, एक लोटे में जल और एक हाथ का पंखा लेकर बरगद पेड़ के नीचे पहुंची। इसके बाद पेड़ की जड़ में जल व प्रसाद चढाकर धूप, दीपक जलाए। उसके बाद पूजा करके अपने पति के लिए लंबी उम्र की कामना की।
वट सावित्री व्रत
थाली में प्रसाद गुड़, भीगे हुए चने, आटे से बनी हुई मिठाई, कुमकुम, रोली, मोली, 5 प्रकार के फल से की गई पूजा
बेमेतरा.वट सावित्री पूजन के मौके पर महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा की।
वट सावित्री और शनि जयंती पर की पूजा-अर्चना
कोदवा|बेरला मार्ग पर स्थित शनि मंदिर में मंगलवार को युवाओं ने शनिदेव की विधि विधान से पूजा अर्चना की और प्रसादी भंडारा का वितरण किया। मंगलवार की अमावस्या के दिन शनि जयंती और वट सावित्री व्रत पड़ने पर यह अद्भुत संयोग है। इस मौके पर रमाकांत जोशी, संदीप वर्मा, राजेश वर्मा, रितेश चंदेश्वर ने सहयोग दिया।
वट वृक्ष में ब्रम्हा, विष्णु व महेश का होता है वास
रांका|सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री का उपवास रखा। सुहागिनों ने गांव के चौक चौराहों व तालाब किनारे स्थित बरगद के पेड की पूजा अर्चना की। आम, केला, सेब सहित विभिन्न तरह के फल चढाएं। बरगद के वृक्ष की परिक्रमा कर गीला धागा लपेट कर अपने पति की दीर्घायु व परिवार की सुख समृद्धि के लिए कामना की।
सावित्री कथा पाठ का वाचन कर सुहागिनों को सुनाई गई। पुरोहित हरीश शर्मा ने बताया कि वट में ब्रम्हा, विष्णु व महेश तीनों का वास है। इसके नीचे सच्चे मन से पूजा करने से मनोकामना पूरी होती है।